मुस्लिम युवक से मारपीट केस में बड़ा खुलासा: सिपाही को फंसाने की साजिश बेनकाब,
फिरोज खान/यूपी हेड
रिपोर्ट/सत्यप्रकाश
महाकाल सेवा समिति के पदाधिकारी पर गिरेगी गाज
बरेली। मुस्लिम युवक से मारपीट और जबरन “जय श्री राम” के नारे लगवाने के मामले में अब बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा प्रकरण सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसमें मॉडल टाउन चौकी पर तैनात सिपाही विशाल यादव को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश की गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में सिपाही को निर्दोष पाया गया है, जबकि महाकाल सेवा समिति के एक पदाधिकारी के खिलाफ फर्जीवाड़े और भ्रामक शिकायत करने की पुष्टि हुई है।
₹1500 का झूठा ट्रांजैक्शन और फर्जी शिकायत से रची गई कहानी
सूत्रों के अनुसार, महाकाल सेवा समिति के उक्त पदाधिकारी ने पहले सिपाही विशाल यादव के मोबाइल नंबर पर ₹1500 का ऑनलाइन भुगतान किया और बाद में आरोप लगाया कि यह रिश्वत की रकम थी। इसी के आधार पर एसएसपी बरेली कार्यालय में झूठी शिकायत दी गई, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
हालांकि,जांच के दौरान जब मोबाइल पेमेंट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो साजिश का पूरा जाल सामने आ गया। सबूतों से यह साफ हो गया कि सिपाही का इस कथित घटना से कोई संबंध नहीं था और पूरे मामले को व्यक्तिगत रंजिश के चलते सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई थी।
पुलिस बोली – निर्दोष को फंसाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस बरेली ने बताया कि,
“प्रारंभिक जांच में सिपाही विशाल यादव निर्दोष पाए गए हैं। जो लोग उन्हें झूठे केस में फंसाने की कोशिश कर रहे थे, उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस के अनुसार, साजिशकर्ताओं ने जानबूझकर धार्मिक संवेदनाओं को भड़काने की कोशिश की और विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया।
विशाल यादव सिपाही को निशाना बनाने की रंजिश
स्थानीय लोगों और सहयोगी पुलिसकर्मियों का कहना है कि सिपाही विशाल यादव अपनी ईमानदारी और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वे पहले भी अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। यही कारण था कि कुछ लोग उनसे नाराज थे और अब उन्हें फंसाने की कोशिश की गई।
महाकाल सेवा समिति के पदाधिकारी पर कार्रवाई लगभग तय
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और महाकाल सेवा समिति के संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी निर्दोष कर्मी को साजिश के तहत फंसाने वालों को हरगिज नहीं बख्शा जाएगा।
मुस्लिम युवक से मारपीट के मामले में पुलिस सिपाही को झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश उजागर।
₹1500 का झूठा ट्रांजैक्शन दिखाकर रिश्वत का आरोप लगाया गया।
पुलिस जांच में सिपाही निर्दोष; महाकाल सेवा समिति का पदाधिकारी फंसा।
पुलिस बोली “साजिशकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई होगी।”


