पहलवान साहब मजार के बराबर मे बनी 74 दुकानों पर चलेगा बुलडोजर; 27 मकानों पर भी होगी कार्रवाई
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
बरेली नगर निगम ने शाहबाद व नावल्टी में अवैध कब्जों का सर्वे पूरा कर 74 दुकानों और 27 मकानों को अवैध घोषित किया नोटिस भेजे जा चुके, कार्यवाही के लिए पुलिस-प्रशासन की मदद ली जाएगी।
यूपी/ बरेली नगर निगम ने नगर के विभिन्न इलाकों में किए गए सर्वे के बाद अवैध कब्जों की एक विस्तृत सूची तैयार की है। इस सूची में खासतौर पर नावल्टी स्थित मजार के पास बनी 74 दुकानें और शाहबाद (भूड़ वार्ड) के 27 मकान शामिल हैं जिन्हें नगर निगम ने सरकारी/धार्मिक जमीन पर अवैध निर्माण मानकर चिह्नित किया है।
नगर आयुक्त संजिव कुमार मौर्य ने बताया कि सर्वे टीम ने कई स्थानों पर कब्जों की पुष्टि की है और संबंधित पर कानूनी कार्रवाई और कब्जा हटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा, “नगर निगम की संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों को अंतिम नोटिस दिए जा चुके हैं और जिन्होंने कब्जा नहीं हटाया, उनके खिलाफ पुलिस-प्रशासन की मदद से कार्रवाई की जाएगी।”
नगर निगम की रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
नावल्टी मजार के पास स्थित मार्केट नगर निगम की जमीन पर बना पाया गया रिपोर्ट कोर्ट और शासन को भेजी जा चुकी है।
शाहबाद इलाके में सर्वे के दौरान 27 मकानों पर भी अवैध कब्जे मिले।
डेलापीर इलाके के तालाब पर 10 अवैध कब्जे भी चिन्हित किए गए हैं यहां भी नोटिस भेजे जा चुके हैं।
कई जगहों पर सरकारी स्कूलों और धार्मिक स्थलों की जमीन पर अवैध ढांचे/कब्जे पाए गए।
यह कार्रवाई किस शिकायत पर हो रही है
नगर निगम ने बताया कि यह सर्वे और कार्रवाई पार्षद शालिनी जौहरी की शिकायत के आधार पर की जा रही है। पार्षद ने नगर निगम को पत्र देकर विभिन्न स्थानों पर बने अवैध निर्माण व कब्जों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद निरीक्षण कराकर रिपोर्ट तैयार की गई।
आगे की प्रक्रिया नगर निगम के अनुसार जिन कब्जेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें निश्चित समय में कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था। अगर नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटता है तो नगर निगम पुलिस एवं प्रशासनिक मदद लेकर अभियान चलाकर कब्जा हटाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। नगर निगम का कहना है कि सर्वे के पूरे नतीजे और कार्रवाई का समय-व्यवस्था शासन से समन्वय करके तय की जाएगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ
स्थानीय व्यापारी व कुछ कब्जेदारों का कहना है कि वे वर्षों से वहां व्यापार कर रहे हैं और अचानक नोटिस मिलने से संकट में हैं कई लोग कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में भी बताए जा रहे हैं। वहीं कुछ स्थानीय निवासी धार्मिक स्थलों और सरकारी जमीनों के संरक्षण की वकालत कर रहे हैं और नगर निगम की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।
बरेली में वर्षों से कुछ सार्वजनिक और धार्मिक जमीनों पर अतिक्रमण तथा निर्माण की समस्याएं समय-समय पर उठती रहती हैं। नगर निगम नियमित सर्वे और वैधानिक कार्रवाइयों के माध्यम से इन कब्जों को हटाने का दावा करता रहा है। इस बार की सूची में नावल्टी मजार के पास बन रहा मार्केट और शाहबाद के घर विशेष रूप से चिन्हित किए गए हैं, जिससे इलाके में हलचल मची हुई है।


