इज्जतनगर में अवैध कॉलोनियों पर BDA का बड़ा एक्शन!
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
खजुरिया गांव में 4 जगह चला बुलडोज़र, दर्जनों बीघा में हो रहा था बिना अनुमति के विकास
बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की प्रवर्तन टीम ने बुधवार 26 नवंबर 2025 को इज्जतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरिया में चार अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे भूखंडों का चिन्हांकन, सड़क निर्माण, बाउंड्रीवाल और कॉलोनी डेवलपमेंट कार्य को मौके पर ध्वस्त कर दिया गया।
प्राधिकरण ने यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के तहत की। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता धर्मवीर सिंह, अवर अभियंता संदीप कुमार और प्रवर्तन टीम मौजूद रही।
चार अवैध कॉलोनियां, कुल दर्जनों बीघा में फैल रहा था अवैध विकास
1. सिराज व नूर हसन की अवैध कॉलोनी – 4 बीघा
ग्राम खजुरिया में बिना BDA स्वीकृति 4 बीघा जमीन पर भूखंड काटे जा रहे थे और बाउंड्रीवाल व सड़क निर्माण कराया जा रहा था।
2. सचिन सक्सेना व मोहम्मद तौफीक की अवैध कॉलोनी – 20 बीघा लगभग 20 बीघा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग, सड़क और बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा था। यह इस इलाके की सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी बताई जा रही है।
3. अतीक मुल्ला द्वारा विकसित अवैध कॉलोनी 5 बीघा 5 बीघा क्षेत्र में प्लाटिंग के साथ-साथ सड़क, विद्युत पोल और बाउंड्रीवाल तैयार की जा रही थी, जिसे पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
4. पवन शर्मा की अवैध कॉलोनी 8 बीघा
लगभग 8 बीघा जमीन पर बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। BDA की टीम ने यहां भी कड़ा एक्शन लिया।
BDA की सख्त चेतावनी – बिना मानचित्र के निर्माण होगा ध्वस्त, खरीदार भी रहें सावधान
प्राधिकरण ने स्पष्ट कहा है कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किसी भी प्रकार की प्लाटिंग या भवन निर्माण पूरी तरह अवैध है।
BDA ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि भूखंड/भवन खरीदने से पहले प्राधिकरण से उसकी मानचित्र स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी कार्रवाई या ध्वस्तीकरण का सामना न करना पड़े।
अन्यथा स्थिति में प्राधिकरण नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत कठोर कार्रवाई करेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी निर्माणकर्ताओं की स्वयं की होगी।
BDA की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बरेली में अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों और बिना जांच किए प्लॉट खरीदने वालों पर कड़ा शिकंजा जारी रहेगा।


