सैटेलाइट बस स्टैंड पर वर्चस्व की जंग में हत्या: नौबत यादव का गैंग घोषित, गिरोहबंद अधिनियम में केस दर्ज
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
अनुज पांडेय हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संपत्तियों और नेटवर्क की जांच शुरू
बरेली। सैटेलाइट बस स्टैंड पर पार्सल ठेकेदार अनुज पांडेय की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी नौबत यादव के समूह को संगठित अपराधी गैंग घोषित कर दिया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने गैंग चार्ट मंजूर करते हुए गिरोहबंद अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय की तहरीर पर नौबत यादव गैंग के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि बिथरी चैनपुर के मेहतरपुर निवासी नौबत यादव, जो पहले बस स्टैंड पर कुली का काम करता था, धीरे-धीरे अवैध रूप से वर्चस्व स्थापित करने में जुटा हुआ था। उसके साथ पीलीभीत मूल निवासी दिनेश यादव (वर्तमान पता—खुर्रम गौंटिया) और नवादा शेखान निवासी संतोष मौर्य भी सक्रिय रूप से जुड़े थे। पुलिस के अनुसार, इन्हीं तीनों ने 11 फरवरी की शाम बस स्टैंड पर पार्सल ठेके पर कब्जे को लेकर अनुज पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में होने से आसपास हड़कंप मच गया था।
मामले में मृतक के भाई अतुल पांडेय ने कुल 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव की निगरानी में विस्तृत विवेचना की गई, जिसमें राजन, कामते, नन्हे, वायू, उनरार और सुनील कश्यप की हत्या में कोई भूमिका नहीं मिली। पुलिस ने सभी नाम चार्जशीट से बाहर कर दिए हैं।
गैंग घोषित होने के बाद पुलिस अब नौबत यादव गैंग की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रख रही है। इसके तहत उनकी संपत्तियों की जांच, आय के स्रोतों की पड़ताल और बस स्टैंड पर उनके नेटवर्क का विश्लेषण किया जाएगा। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम न केवल हत्या के इस सनसनीखेज मामले में गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि बस स्टैंड पर आपराधिक दबदबे को खत्म करने हेतु पुलिस की सख्त मंशा को भी उजागर करता है।


