Saturday, April 18, 2026
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बरेली में स्वास्थ्य महकमे में बड़ा खेल! दो डिप्टी CMO पर गंभीर आरोप, अवैध अल्ट्रासाउंड–नर्सिंग होम को मिल रहा संरक्षण

बरेली में स्वास्थ्य महकमे में बड़ा खेल! दो डिप्टी CMO पर गंभीर आरोप, अवैध अल्ट्रासाउंड–नर्सिंग होम को मिल रहा संरक्षण

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

CMO की छत्रछाया में फल-फूल रहा अवैध हेल्थ रैकेट? लावा न्यूज़ का बड़ा खुलासा जल्द

बरेली-जिले के स्वास्थ्य विभाग में गहराता भ्रष्टाचार एक बार फिर सुर्खियों में है। लावा न्यूज़ की जांच में सामने आए प्राथमिक तथ्यों ने पूरे जिले के स्वास्थ्य सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जिले में दो डिप्टी CMO

डॉ. लईक अहमद और डॉ. अमित कुमार पर गंभीर आरोप हैं कि ये दोनों अधिकारियों की शह पर अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर, झोलाछाप चिकित्सक और बिना मानक चल रहे नर्सिंग होम बेखौफ तरीके से कारोबार कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार बरेली में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भरमार है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

आरोप है कि जिन सेंटरों पर छापे पड़ने चाहिए, वहीं सेंटर अधिकारियों के संरक्षण में निर्बाध चल रहे हैं।

नियमों का पालन न करने वाले कई संचालकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज होने के बावजूद फाइलें वर्षो से धूल खा रही हैं।

डिप्टी CMO पर संरक्षण के आरोप, कार्रवाई का जीरो रिकॉर्ड

जांच में सामने आया है कि डिप्टी CMO डॉ. लईक अहमद और डॉ. अमित कुमार पर जिले में मनमानी करने और “सेटिंग–गेटिंग” के आधार पर जांच–कार्रवाई को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

कई स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी किसी पर शिकंजा नहीं कसता।

बरेली जैसे बड़े जिले में लगातार बढ़ रहे गैरकानूनी अल्ट्रासाउंड सेंटर लिंग परीक्षण जैसे खतरनाक अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन विभाग की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बहेड़ी: अवैध नर्सिंग होमों का गढ़!

बहेड़ी क्षेत्र पर प्रशासन की सख्ती का अभाव साफ दिखता है। यहां कई नर्सिंग होम बिना मानक, बिना विशेषज्ञ डॉक्टर और बिना लाइसेंस के खुलेआम चल रहे हैं।

मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले ये सेंटर पूरी तरह नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बार-बार शिकायतें कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

CMO पर भी सवाल! क्यों नहीं होती कार्रवाई?

पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है।

CMO की चुप्पी और विभाग का कार्रवाई न करना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं ऊपर तक सबकुछ मैनेज है। आरोप है कि संरक्षण के बिना इतने बड़े स्तर पर अवैध कारोबार संभव ही नहीं।

लावा न्यूज़ का अगला खुलासा आ रहा है बड़ा धमाका

लावा न्यूज़ की टीम ने इस पूरे खेल पर गहराई से जांच शुरू कर दी है। जल्द ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, आंतरिक जानकारी और स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो सामने आने की संभावना है, जिससे जिले के स्वास्थ्य विभाग की वास्तविक तस्वीर उजागर होगी।

जिला प्रशासन कब जागेगा और कब इन अवैध सेंटरों पर कार्रवाई होगी यह सबसे बड़ा सवाल है।

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