बरेली में गूंजेगा रामनाम: 166वें वार्षिकोत्सव की तैयारियां तेज, 25 फरवरी को पताका यात्रा से आगाज

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बरेली में गूंजेगा रामनाम: 166वें वार्षिकोत्सव की तैयारियां तेज, 25 फरवरी को पताका यात्रा से आगाज

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रिपोर्ट /सत्य प्रकाश 

बरेली। होली के उल्लास के बीच एक बार फिर नाथनगरी बरेली में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। श्री रामलीला सभा बरेली द्वारा आयोजित विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक रामलीला का 166वां वार्षिकोत्सव 25 फरवरी 2026 से प्रारंभ होगा। इसका शुभारंभ गणेश पूजन और भव्य पताका यात्रा के साथ किया जाएगा, जबकि 15 मार्च 2026 को श्रीराम राज्याभिषेक के साथ समापन होगा।

नरसिंह मंदिर, बड़ी बमनपुरी में आयोजित प्रेसवार्ता में सभा पदाधिकारियों ने बताया कि यह रामलीला होली के अवसर पर आयोजित होने वाली देश की एकमात्र परंपरागत रामलीला है। इसकी शुरुआत वर्ष 1861 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुई थी और तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है।

अलग-अलग मोहल्लों में मंचन की अनूठी परंपरा

इस ऐतिहासिक रामलीला की विशेषता यह है कि इसके विभिन्न प्रसंग अलग-अलग स्थानों पर मंचित किए जाते हैं—

अगस्त मुनि लीला – छोटी बमनपुरी

केवट संवाद – साहूकारा

मेघनाथ यज्ञ – बमनपुरी

लंका दहन – मलूकपुर चौराहा

सभा पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष राम बारात 2 मार्च को निकाली जाएगी, जो होली से एक दिन पूर्व होगी। 3 मार्च को चंद्रग्रहण होने के कारण कार्यक्रम में यह परिवर्तन किया गया है।

संस्कृति और विरासत का प्रतीक

अध्यक्ष राजू मिश्रा ने कहा कि यह रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बरेली की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक धरोहर है। संरक्षक सर्वेश रस्तोगी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दी जा चुकी है, जो इस आयोजन की वैश्विक पहचान को दर्शाता है।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा ने कहा कि यह रामलीला विश्व पटल पर अलग पहचान रखती है और समिति इसके प्राचीन स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पित है। युवा अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने बताया कि संस्कृति विभाग को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का अनुरोध भी किया गया है, ताकि देश-विदेश के लोग इसकी भव्यता से रूबरू हो सकें।

सभा के अन्य पदाधिकारियों ने भी सभी शहरवासियों से अपील की कि वे इस सांस्कृतिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी विरासत को सहेजने में सहयोग करें।

इस अवसर पर सभा के कई पदाधिकारी, पार्षदगण और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नाथनगरी अब तैयार है—राम नाम की गूंज के साथ इतिहास फिर दोहराया जाएगा।

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Author: Bhaskar News 24

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