चित्रकूट में बच्चों के यौन शोषण मामले में पति-पत्नी को फांसी की सजा

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चित्रकूट में बच्चों के यौन शोषण मामले में पति-पत्नी को फांसी की सजा

पॉक्सो कोर्ट का कड़ा फैसला, जज बोले– “मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए”

रिपोर्ट राजेश सिंह 

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में बच्चों के यौन शोषण और आपत्तिजनक सामग्री को डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचने के सनसनीखेज मामले में पॉक्सो कोर्ट ने पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो न्यायालय के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने अपने आदेश में कहा कि दोनों दोषियों को “मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए।”

सिंचाई विभाग का जेई निकला मास्टरमाइंड

मामले में दोषी पति सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर तैनात था और उसकी पोस्टिंग चित्रकूट में थी। जांच में सामने आया कि वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर मासूम बच्चों का यौन शोषण करता था और उनके वीडियो व फोटो बनाकर डार्क वेब के माध्यम से विदेशी खरीदारों को बेचता था।

डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

जांच एजेंसियों ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर खुलासा किया कि आपत्तिजनक सामग्री को एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए अपलोड किया जाता था। भुगतान क्रिप्टोकरेंसी और अन्य गुप्त माध्यमों से लिया जाता था, जिससे लंबे समय तक यह नेटवर्क पकड़ में नहीं आ सका।

कड़ी धाराओं में हुई सुनवाई

मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत विशेष अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक सबूत, पीड़ित बच्चों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिन्हें न्यायालय ने ठोस और निर्णायक माना।

समाज में कड़ा संदेश

अदालत ने इसे “दुर्लभतम में दुर्लभ” श्रेणी का अपराध मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में सख्त सुरक्षा व्यवस्था रही। इस निर्णय को बच्चों के खिलाफ अपराधों पर कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।

यदि आप चाहें तो मैं इस खबर का संक्षिप्त वर्जन, सोशल मीडिया पोस्ट या टीवी बुलेटिन स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूँ।

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Author: Bhaskar News 24

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