लोक संस्कृति के रंगों से सजा कुमाऊं द्वार महोत्सव, आयुक्त दीपक रावत ने ‘हिट दगड़ी कमला…’ गाकर बांधा समां
पांच दिवसीय महोत्सव का भव्य समापन, महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र; लोक कलाकारों को किया गया सम्मानित
हल्द्वानी, 28 अक्टूबर। लोक संस्कृति की मिठास, पहाड़ की परंपराओं और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कुमाऊंनी गीत ‘हिट दगड़ी कमला, अलमौड़ में तेरो बंगला’ की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है कुमाऊं द्वार महोत्सव
समापन समारोह का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल और आयुक्त दीपक रावत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि कुमाऊं द्वार महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा, अस्मिता और समृद्ध लोक संस्कृति का उत्सव है। यह आयोजन लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करता है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष महोत्सव की लोकप्रियता बढ़ रही है और इसमें प्रतिभागियों तथा दर्शकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। यह दर्शाता है कि लोगों का अपनी लोक संस्कृति के प्रति गहरा लगाव है। महोत्सव के मंच से लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, जिससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहचान मिलती है।
महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के समापन दिवस पर आयुक्त दीपक रावत ने परिसर में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों पर स्थानीय जैविक उत्पाद, पहाड़ी हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गई थीं।
आयुक्त ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के ये प्रयास महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कुमाऊंनी गीत गाकर दीपक रावत ने जीता दर्शकों का दिल
समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच आयुक्त दीपक रावत ने कुमाऊंनी गीत ‘हिट दगड़ी कमला, अलमौड़ में तेरो बंगला’ प्रस्तुत किया। उनकी इस प्रस्तुति ने समारोह में मौजूद दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और महोत्सव के सांस्कृतिक रंगों को और यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान लोक कलाकारों को सम्मानित भी किया गया। अंत में आयुक्त दीपक रावत ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
कुमाऊं द्वार महोत्सव ने पांच दिनों तक लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया। समापन के साथ ही महोत्सव ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों को सामने लाने का संदेश दिया।




