फार्मर रजिस्ट्री से डिजिटल होंगे किसानों के रिकॉर्ड, डीएम ललित मोहन रयाल ने की पंजीकरण की अपील
हल्द्वानी, 28 अक्टूबर 2026। भारत सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा रही है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि भविष्य में विभिन्न कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में फार्मर रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने जनपद के सभी किसानों से जल्द फार्मर रजिस्ट्री करवाने की अपील की है।
कृषि योजनाओं में पारदर्शिता लाने में मिलेगी मदद
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत एग्रीस्टैक के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है। इसके तहत किसानों की पहचान और उनकी भूमि से संबंधित निर्धारित विवरणों का डिजिटल अभिलेखीकरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री से कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने, पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और योजनाओं का लाभ वितरित करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही भविष्य में किसानों को विभिन्न कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में भी फार्मर आईडी महत्वपूर्ण साबित होगी।
कृषि विभाग, उद्यान विभाग और सीएससी सेंटर में कराएं पंजीकरण
डीएम ने जनपद के सभी किसान भाई-बहनों से अपील की कि वे फार्मर रजिस्ट्री के महत्व को समझते हुए अपनी फार्मर आईडी बनवाने के लिए नजदीकी कृषि, उद्यान या सहकारिता विभाग के कार्यालय अथवा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से संपर्क करें और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराएं।
उन्होंने किसानों से यह भी कहा कि वे अपने आसपास के अन्य किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए प्रेरित करें, ताकि सामूहिक प्रयासों से जनपद में पंजीकरण का कार्य प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।जिलाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री से कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी किसानों से इस अभियान में सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से कृषि क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाया जा सकता है




