25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत: हल्द्वानी में जिला स्तरीय कार्यशाला, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विजेताओं को किया सम्मानित
हल्द्वानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को बी.एल.एम. एकेडमी, गौरापड़ाव में “25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत” कार्यक्रम की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित बच्चों ने निबंध, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम संयोजक एवं उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने बताया कि उनके दिशा-निर्देशन में 25, 26 एवं 28 सितंबर को नैनीताल जिले के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिले के करीब 95 प्रतिशत विद्यालयों में निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 बच्चों का चयन जिला स्तरीय कार्यशाला के लिए किया गया।
कार्यशाला के दौरान योगेश सिंह रजवार ने जिले में अब तक “25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत” कार्यक्रम के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी साझा की।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विधायक लालकुआं डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री सुरेश भट्ट, मीडिया सलाहकार ध्रुव रौतेला, देवेंद्र ढैला, पेयजल अनुश्रवण समिति के दिनेश आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज साह, नैनीताल जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रविन्द्र रैकूनी, को-ऑपरेटिव डायरेक्टर निश्चल पांडे, वरिष्ठ भाजपा नेता आनंद सिंह धर्मवाल, बी.एल.एम. एकेडमी के संस्थापक-प्रबंधक एवं भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल तथा महिला मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता कल्पना बोरा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, भाजपा जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा एवं युवा मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में 800 से अधिक बच्चे एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और उनके सपनों को मंच प्रदान करने के साथ ही “25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।





