IPL सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, बीएससी पास युवक गिरफ्तार
नेपाल की सिम, हवाला ट्रांजेक्शन और करोड़ों के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। आईपीएल मैचों के दौरान चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का थाना फरीदपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी उच्च शिक्षित होने के बावजूद ऑनलाइन सट्टे, हवाला लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बड़ा नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी रोजाना हजारों रुपये का ऑनलाइन सट्टा संचालित करता था और उसके जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन होने की आशंका है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान निवासी ओमेन्द्र है। वह बीएससी पास है और कोविड काल में नौकरी छूटने के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी के धंधे में उतर गया था। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन धीरे-धीरे उसने बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया।
नेपाल की सिम से चला रहा था ऑनलाइन सट्टा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए नेपाल के मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था, ताकि साइबर एजेंसियों और पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। उसके बैंक खातों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो रहे थे। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल डाटा और आर्थिक लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।
शराब की दुकानों और पेट्रोल पंपों में निवेश की जांच
पुलिस के मुताबिक आरोपी का आर्थिक नेटवर्क काफी मजबूत बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली है कि उसकी कई शराब की दुकानों और पेट्रोल पंपों में साझेदारी है। अब यह भी जांच की जा रही है कि इन कारोबारों में लगाया गया पैसा कहीं सट्टेबाजी से जुड़ा तो नहीं है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
बुधवार को थाना फरीदपुर पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि रोडवेज बस स्टैंड के पास कुछ लोग आईपीएल मैच पर ऑनलाइन हार-जीत की बाजी लगा रहे हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो तीन लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, जबकि एक युवक मोबाइल और दस्तावेज समेटते हुए पकड़ लिया गया।
नकदी, आईफोन और कई बैंक दस्तावेज बरामद
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 10 हजार रुपये नकद, एक आईफोन, नेपाली सिम कार्ड, कई एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए गए। पुलिस जांच में कुछ दस्तावेज संदिग्ध और कूटरचित पाए गए हैं।
पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे आईपीएल सट्टेबाजी की लत लग गई थी और इसी के जरिए वह मोटी कमाई कर रहा था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी सट्टेबाजी और मारपीट से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी समेत अन्य फरार साथियों के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, उपनिरीक्षक उज्जवल गंभीर, हेड कांस्टेबल महावीर और हेड कांस्टेबल शमशेर अली की अहम भूमिका रही।


