MBBS महिला डॉक्टर से रेप और ब्लैकमेलिंग कांड के बाद एक्शन मोड में पुलिस, बरेली मंडल के सभी जिमों की होगी जांच
अल्टीमेट फिटनेस जिम मामला बना बड़ा मुद्दा, DIG ने पांच जिलों में 5 दिन का विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली के सिविल लाइंस स्थित एक निजी जिम में महिला MBBS डॉक्टर के साथ कथित रेप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने के मामले ने पूरे बरेली मंडल में सनसनी फैला दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली रेंज के DIG अजय कुमार साहनी ने बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत और सहारनपुर जिलों में संचालित सभी जिमों की विशेष जांच कराने के आदेश जारी किए हैं।
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम अगले पांच दिनों तक जिमों की वैधता, सुरक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच करेगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले जिम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महिला ट्रेनर और CCTV व्यवस्था अब होगी अनिवार्य
DIG के निर्देश के बाद अब महिला सदस्यों वाले प्रत्येक जिम में महिला ट्रेनर रखना जरूरी होगा। इसके साथ ही महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग वर्कआउट टाइम निर्धारित करने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि महिला सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सभी जिमों में हाई डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाना और कम से कम 30 दिन का फुटेज बैकअप सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में किसी भी शिकायत या अपराध की जांच में यह रिकॉर्ड अहम भूमिका निभाएगा।
गुप्त कमरे और आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा
कोतवाली पुलिस की शुरुआती जांच में जिम संचालक अकरम बेग और उसके भाई आलम बेग के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार जिम परिसर में एक गुप्त कमरा बनाया गया था, जहां महिलाओं को कथित रूप से नशीला पदार्थ देकर उनके वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे।
जांच के दौरान पुलिस को कई आपत्तिजनक वीडियो और डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया गया है। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिसमें पीड़िता से प्लॉट बेचकर 50 लाख रुपये की रकम देने का दबाव बनाए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस इन सभी डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।
बिना पंजीकरण चल रहे सैकड़ों जिम रडार पर
जांच में यह भी सामने आया है कि बरेली जिले में संचालित करीब 400 जिमों में बड़ी संख्या ऐसे संस्थानों की है, जिनके पास वैध पंजीकरण या जरूरी अनुमति नहीं है। कई जिम बिना फायर विभाग की NOC, नगर निगम लाइसेंस और प्रशासनिक स्वीकृति के संचालित हो रहे हैं।
इसके अलावा बिना प्रशिक्षित ट्रेनरों द्वारा लोगों को भारी मात्रा में सप्लीमेंट और पाउडर देने की शिकायतें भी मिली हैं। पुलिस को आशंका है कि कुछ जिमों में अवैध स्टेरॉयड और बिना लाइसेंस वाले उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं।
अवैध जिमों पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि जिन जिमों में अवैध निर्माण पाया जाएगा या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अवैध हिस्सों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा सकती है।
साथ ही सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को पुराने महिला अपराधों के मामलों की दोबारा समीक्षा करने और महिला सुरक्षा के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला आयोग और संगठनों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह से मुलाकात कर जिमों और ब्यूटी पार्लरों की व्यापक जांच कराने की मांग की है। वहीं विश्व हिंदू परिषद और हिंदू महासभा समेत कई संगठनों ने भी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है।
जिम खोलने के लिए जरूरी नियम
नगर निगम से लाइसेंस और शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीकरण
फायर विभाग की NOC अनिवार्य
GST पंजीकरण और पुलिस सत्यापन जरूरी
सभी ट्रेनरों के पास मान्यता प्राप्त फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए
जिम के सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य
इमरजेंसी एग्जिट गेट की व्यवस्था जरूरी
बिना ड्रग लाइसेंस स्टेरॉयड या सप्लीमेंट बेचना गैरकानूनी
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में पूरे मंडल में फिटनेस सेंटरों की निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही न हो।


