इस्तीफे के बाद प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप, सिटी मजिस्ट्रेट बोले— डीएम आवास में बंधक बनाया गया, लखनऊ से आई अभद्र कॉल
रिपोर्ट/ राजेश सिंह
बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद अलंकार अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस्तीफे के बाद उन्हें बातचीत के बहाने जिलाधिकारी के आवास बुलाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक उन्हें जबरन रोके रखा गया।
अलंकार अग्निहोत्री के मुताबिक, इस्तीफा देने के बाद से ही उन पर निर्णय बदलने का दबाव बनाया जा रहा था। कभी उनके भविष्य और करियर का हवाला दिया गया तो कभी भावनात्मक तरीके से समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने अपने फैसले पर अडिग रहने की बात कही।
उन्होंने बताया कि सोमवार शाम वह डीएम आवास पहुंचे, जहां लगभग एक घंटे तक बातचीत चली। बाहर निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें वहां से स्वतंत्र रूप से जाने नहीं दिया जा रहा था। स्थिति को गंभीर बताते हुए उन्होंने सचिव दीपक पांडेय को फोन कर यह सूचना दी कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है।
फोन करने के बाद छोड़े जाने का दावा
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का आरोप है कि जैसे ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और एसएसपी को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, उसके तुरंत बाद उन्हें वहां से जाने दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें रातभर डीएम आवास में रोकने की योजना बनाई जा रही थी।
लखनऊ से आई अभद्र कॉल का आरोप
अलंकार अग्निहोत्री ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि बातचीत के दौरान लखनऊ से एक फोन कॉल आया, जिसमें उनके साथ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इसे मानसिक दबाव बनाने की कोशिश बताया।
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद जिला प्रशासन के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला अब सिर्फ इस्तीफे तक सीमित न रहकर बड़े प्रशासनिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है।
