इस्लाम अमन और शांति का पैगाम देता है: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बोले, कट्टरपंथी संगठनों की निंदा की
फिरोज khan भास्कर टुडे
ब्यूरो रिपोर्ट-राजेश सिंह
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि इस्लाम अमन और शांति का पैगाम देता है। उन्होंने कट्टरपंथी संगठनों की निंदा करते हुए कहा कि धर्म के नाम पर नौजवानों को भड़काना इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है। इस्लाम में आतंकवाद, हिंसा और निर्दोषों की हत्या के लिए कोई स्थान नहीं है।
मंगलवार को बरेली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मौलाना रजवी ने कहा कि इस्राइल और फलस्तीन की जंग के लिए हमास जिम्मेदार है। दो साल पहले सात अक्टूबर को हमास की हिंसक कार्रवाई ने इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष को और भड़काया, जिससे वर्षों से चल रही शांति प्रक्रिया पूरी तरह पटरी से उतर गई। उन्होंने कहा कि हमास के गलत फैसलों ने इस्राइल को सैन्य कार्रवाई का बहाना दे दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच हिंसा और अविश्वास की खाई और गहरी हो गई।
मौलाना ने कहा कि गाजा शहर में इस्राइली हमलों में हजारों निर्दोषों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके लिए भी हमास की कट्टर नीतियां जिम्मेदार हैं। अगर हमास इस्राइल के नागरिकों को बंधक नहीं बनाता, तो हालात इतने भयावह नहीं होते।
उन्होंने कहा कि हमास इस्लाम की नहीं, बल्कि एक कट्टर और राजनीतिक सोच की नुमाइंदगी करता है, जो सूफ़ी परंपरा की मोहब्बत और अमन से कोसों दूर है। फलस्तीन की समस्या का हल केवल बातचीत, शांति और राजनीतिक प्रक्रिया के रास्ते से ही संभव है।
मौलाना रजवी ने भारत सरकार की सराहना करते हुए कहा कि जब गाजा में जंग शुरू हुई, तब मानवीय आधार पर भारत ने सबसे पहले राहत सामग्री भेजकर अपनी इंसानियत का परिचय दिया। उन्होंने सभी से अपील की कि धर्म के नाम पर नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम फैलाया जाए।
