एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में साइबर क्राइम जागरूकता कार्यशाला, एसपी सिटी ने दिए सुरक्षा के टिप्स
फिरोज खान- Bhaskarnews24.com
रिपोर्ट -हैदर अली
बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को साइबर क्राइम जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एसपी सिटी मानुष पारीक ने मेडिकल विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं और डिजिटल युग में सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जरूर करें, लेकिन ध्यान रखें कि सोशल मीडिया हमारा इस्तेमाल न करने लगे। आज फ्री प्लेटफॉर्म्स हमारे डेटा और प्रोफाइल से चलते हैं, इसलिए अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, लोकेशन या गतिविधियां सार्वजनिक न करें। अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति की वीडियो कॉल न लें।
एसपी सिटी ने बताया कि साइबर अपराधी “पिग बुचरिंग”, “साइबर बुलिंग”, “साइबर स्टॉकिंग”, “डिजिटल अरेस्ट” और “साइबर एक्सटॉर्शन” जैसे नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाते हैं। इनसे बचने का सबसे प्रभावी तरीका है—जागरूकता। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड हर महीने बदलें, टू-फैक्टर वेरिफिकेशन चालू रखें और अपने नाम या जन्मतिथि से पासवर्ड न बनाएं।
मानुष पारीक ने सलाह दी कि एप डाउनलोड करते समय ऐप को मोबाइल की गैलरी, कैमरा या माइक की पूरी एक्सेस न दें। रात में वाई-फाई और इंटरनेट बंद कर मोबाइल को स्विच ऑफ करना भी एक अच्छा कदम है। उन्होंने बताया कि यदि कोई साइबर अपराध हो जाए तो 24 घंटे के अंदर हेल्पलाइन 1930 या 1090 पर शिकायत करें या वेबसाइट Cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
कार्यशाला में उन्होंने युवाओं को “सोशल मीडिया हाइजीन” अपनाने की भी सलाह दी — यानी अपनी खुशी, दुख या निजी बातें सार्वजनिक मंचों पर साझा न करें।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एम.एस. बुटोला ने एसपी सिटी मानुष पारीक का स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में डीन डॉ. बिंदु गर्ग, डॉ. समता तिवारी, डीएसडब्ल्यू डॉ. क्रांति कुमार और ऑफिस सुपरिटेंडेंट विनीत शर्मा सहित बड़ी संख्या में एमबीबीएस विद्यार्थी उपस्थित रहे।


