टीजीटी परीक्षा में सॉल्वर गिरफ्तार, डेढ़ लाख में दूसरे अभ्यर्थी की जगह देने पहुंचा था परीक्षा
बायोमेट्रिक जांच में खुली नकल माफिया की चाल, पहले दिन ही टीजीटी परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश नाकाम

रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। उत्तर प्रदेश टीजीटी परीक्षा के पहले ही दिन बरेली में नकल कराने वाले गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बायोमेट्रिक सत्यापन के बावजूद एक युवक दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंच गया, लेकिन उसकी चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक मिलान के दौरान पहचान में गड़बड़ी सामने आने पर उसे पकड़ लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ा गया युवक आजमगढ़ का रहने वाला प्रमोद है। वह विमल सिंह नाम के अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। आरोपी ने आधार कार्ड में हेराफेरी कर अपना फोटो लगाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन बायोमेट्रिक जांच में उसकी पहचान उजागर हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई।
पूछताछ के दौरान प्रमोद ने बताया कि परीक्षा देने के एवज में उसे डेढ़ लाख रुपये मिलने थे। इस खुलासे के बाद पुलिस इस पूरे मामले के पीछे सक्रिय लोगों और संभावित सॉल्वर गैंग की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि मामले की गहराई से जांच में बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
जिले में टीजीटी परीक्षा के लिए 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा चार पालियों में आयोजित की जा रही है और 32 हजार से अधिक अभ्यर्थी इसमें शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए प्रशासन ने पूरे जिले को चार जोन में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की थी।
उधर, पहली पाली समाप्त होने के बाद कई परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बरेली कॉलेज सहित प्रमुख केंद्रों के आसपास यातायात प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर भी अभ्यर्थियों की भीड़ के चलते प्रशासन और पुलिस को व्यवस्था बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य बताया, लेकिन पहले ही दिन सॉल्वर पकड़े जाने की घटना ने परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।


