कभी चाय बेचता था आरिफ,आज करोड़ों की अवैध संपत्ति का मालिक—अब ढहा साम्राज्य
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
परवेज़ अख़्तर की शिकायत पर मोहम्मद आरिफ के अवैध शोरूम और मार्किट पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
मौक़ा-ए-वारदात पर दो दिन तक गरजा बुलडोज़र, करोड़ों का साम्राज्य हुआ जमींदोज़
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने रविवार को शहर की सबसे हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को अंजाम देते हुए मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी और कॉलोनाइज़र मोहम्मद आरिफ के तीन मंजिला भव्य शोरूम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
यह पूरी कार्रवाई शिकायतकर्ता परवेज़ अख़्तर की ओर से की गई शिकायत के बाद तेज हुई, जिसमें आरिफ पर बड़े स्तर पर अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जे के गंभीर आरोप लगे थे।
दो दिन का महासंग्राम—शनिवार से रविवार तक चला ध्वस्तीकरण अभियान
शनिवार दोपहर 12 बजे शुरू हुई कार्रवाई शाम 6 बजे तक चली, लेकिन मजबूत और भारी-भरकम कंक्रीट ढांचे के सामने तीन बुलडोज़र भी नाकाम साबित हुए।
रविवार को सुबह 11 बजे कार्रवाई दोबारा शुरू की गई। इस बार पोकलेन मशीनें और बुलडोज़र मिलकर छह घंटे तक लगातार वार करते रहे।
शाम करीब 5:30 बजे, पोकलेन की जोरदार मार के बाद इमारत जोरदार धमाके के साथ भरभराकर गिर पड़ी।
इमारत ढहते ही पीलीभीत बाइपास का पूरा इलाका धूल के घने गुबार में डूब गया और कुछ देर के लिए सड़क पर वाहनों की रफ्तार थम गई।
बिना नक्शा पास कराए खड़ा हुआ था करोड़ों का शोरूम
पीलीभीत बाइपास रोड पर स्थित यह आलीशान शोरूम बरेली विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराए खड़ा किया गया था।
2024 में बीडीए ने नोटिस जारी कर आरिफ को सुनवाई का अवसर भी दिया था, परंतु रसूख के आगे उसने किसी नोटिस की परवाह नहीं की।
इमारत में एक नामी गारमेंट ब्रांड का स्टोर चलता था। शनिवार सुबह जैसे ही कार्रवाई का आदेश हुआ, स्टोर का बचा–खुचा माल जल्दबाज़ी में बाहर निकालना पड़ा।
आपको बता दे जगतपुर की 16 अवैध दुकानें भी ध्वस्त
दो दिन से चले अभियान के दौरान बीडीए टीम मात्र शोरूम तक सीमित नहीं रही।
जगतपुर में अवैध रूप से बनाई गई 16 दुकानों की पूरी मार्केट भी पोकलेन मशीन से ध्वस्त कर दी गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार मोहम्मद आरिफ का शुरुआती सफर बेहद मामूली था।
बताया जाता है कि कभी वह छोटे स्तर पर चाय बेचता था, लेकिन धीरे-धीरे रसूख बढ़ता गया और देखते ही देखते उसने करोड़ों की अवैध संपत्तियों का जाल खड़ा कर लिया।
फ्लोरा गार्डन के बगल में बने उसके तीन मंजिला शोरूम से लेकर जगतपुर की मार्केट तक, कई निर्माण बिना किसी अनुमति के स्थापित किए गए थे।
परवेज़ अख्तर की शिकायत ने बदल दिया पूरा खेल
कॉलोनाइज़र आरिफ के इस अवैध साम्राज्य पर सबसे बड़ा वार शिकायतकर्ता परवेज़ अख़्तर की दी गई शिकायत के बाद हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, परवेज़ अख्तर ने आरिफ की अवैध गतिविधियों, तालाबों पर कब्जे और बिना अनुमति निर्माण की विस्तृत शिकायत दर्ज करवाई थी।
इसी शिकायत के बाद प्रशासन सतर्क हुआ और जांच में आरिफ के अवैध निर्माणों की लंबी सूची सामने आई।
यही वजह रही कि बीडीए ने लगातार दो दिन की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
अगला निशाना—फाइक एंक्लेव में भरे गए तालाब, जल्द होंगी कब्जा-मुक्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद प्रशासन अब फाइक एंक्लेव की ओर अपना रुख कर रहा है, जहां कई तालाबों को भरकर अवैध प्लाटिंग किए जाने की शिकायतें हैं।
परवेज़ अख्तर की ओर से इन कब्जों का भी विस्तृत ब्यौरा प्रशासन को सौंपा जा चुका है।
अगले चरण में इन अवैध प्लाटिंगों पर भी बुलडोज़र चलने की तैयारी है।
बरेली में अब तक की सबसे बड़ी अवैध निर्माण कार्रवाई पूरी दो दिन चलने वाली इस कार्रवाई में तीन बुलडोज़र दो पोकलेन मशीनें बड़ी संख्या में टीम भारी पुलिस बल और ट्रैफिक विभाग की तैनाती लगाई गई।
बरेली में अब तक की सबसे बड़ी बुलडोज़र कार्रवाई पूरी हुई और करोड़ों की अवैध इमारत जमीन में मिल गई।
