कानूनी उलझनों और सुरक्षा मुद्दों पर सर्राफा कारोबारियों ने एडीजी से मांगा स्पष्ट मार्गदर्शन
रिपोर्ट /राजेश सिंह
बरेली। शहर के सर्राफा कारोबारियों ने सोमवार को पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एडीजी रमित शर्मा से मुलाकात कर अपने व्यापार से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान कानूनी प्रावधानों की स्पष्ट व्याख्या न होने के कारण कई बार निर्दोष व्यापारियों को भी जांच और कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
व्यापारियों ने विशेष रूप से पूर्व आईपीसी की धारा 411 (अब बीएनएस की धारा 317) के मामलों में स्पष्ट प्रक्रिया तय किए जाने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि यदि एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) निर्धारित कर दी जाए तो पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और अनावश्यक विवादों से बचा जा सकेगा।
बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि पुराने गिरवी प्रकरणों को लेकर बढ़ते विवादों के समाधान हेतु जिला स्तर पर एक संयुक्त समिति बनाई जाए। इस समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग की गई, ताकि मामलों का पारदर्शी और निष्पक्ष निस्तारण हो सके।
सोना-चांदी के लगातार बढ़ते दामों के बीच सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। व्यापारियों ने कहा कि बाजार में नकदी और कीमती धातुओं का लेन-देन बढ़ने से जोखिम भी बढ़ा है। ऐसे में पात्र व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।
एडीजी रमित शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नियमों के दायरे में रहकर शीघ्र किया जाएगा।
बैठक में सर्राफा एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे।
