किला पुलिस देखती रह गई, तौकीर रजा का करीबी अफजाल बेग ने कोर्ट में किया सरेंडर;
फिरोज खान भास्कर टुडे
इनामी होने के बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी, अब क़िला पुलिस हुई फेल
बरेली/आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी और उनके निजी सहायक अफजाल बेग ने आखिरकार पुलिस की पकड़ से बचते हुए अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जिस अफजाल की गिरफ्तारी के लिए बरेली पुलिस ने बड़े-बड़े दावे किए थे, उसने किला पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर किया।
क़िला पुलिस हाथ मलती रह गई और कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। खास बात ये है कि अफजाल की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था, लेकिन पुलिस चाहकर भी उसे पकड़ नहीं सकी। अब पुलिस रिमांड की तैयारी में जुटी है ताकि उससे पूछताछ की जा सके।
तौकीर रजा का शातिर पीए — अफजाल बेग
बिहारीपुर सिविल लाइंस निवासी अफजाल बेग मौलाना तौकीर रजा का बेहद भरोसेमंद निजी सहायक है। वह इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) की पुरानी कमेटी में पदाधिकारी भी रह चुका है। पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस के साथ-साथ वह तौकीर रजा का “साया” कहा जाता था।
26 सितंबर को शहर में हुए उपद्रव के मुकदमे में अफजाल का नाम सामने आया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस की कई टीमें उसे पकड़ने का दावा करती रहीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार एसएसपी अनुराग आर्य ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
पुलिस की ‘धीमी फील्डिंग’, अफजाल की ‘तेज़ चाल’
मजबूत सूत्रों के अनुसार, किला थाना पुलिस को पहले ही पता चल गया था कि अफजाल बेग कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में है। बावजूद इसके, पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने की कोई सटीक रणनीति नहीं बनाई।
जब अफजाल कोर्ट पहुंचा, तब पुलिसकर्मी एहतियातन कोर्ट परिसर के बाहर जरूर मौजूद थे, लेकिन अफजाल अपने वकील और कुछ खास लोगों की मदद से बड़ी आसानी से अदालत में आत्मसमर्पण कर गया। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होना विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है।
अफजाल के आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने कोर्ट को अपने केस की जानकारी दी, जिसके बाद अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की गई है।
बारादरी पुलिस भी लेगी अफजाल की रिमांड किला थाने में दर्ज उपद्रव के मुकदमे के अलावा अफजाल बेग बारादरी थाने में दर्ज दूसरे बवाल के मामले में भी वांछित है। किला थाना प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि अगर किसी अन्य थाने में भी अफजाल वांछित है, तो संबंधित थाना कोर्ट में अर्जी देकर उसकी रिमांड मांगेगा।
ऐसे में संभावना है कि जल्द ही बारादरी पुलिस उसे तलब कर रिमांड पर ले सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड में अफजाल से कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं, जिससे उपद्रव के सूत्रधारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
एसएसपी बोले — अब होगी सख्त कार्रवाई, बढ़ सकता है इनाम
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हैं। उन्होंने बताया कि जो आरोपी अब भी गिरफ्तारी से बच रहे हैं, उनके खिलाफ कोर्ट में गैर-जमानती वारंट (NBW) की कार्रवाई की जा रही है। अगर फिर भी आरोपी नहीं मिलते, तो उनके खिलाफ इनाम की राशि बढ़ाने और कुर्की की कार्रवाई करने पर विचार किया जाएगा।
एसएसपी ने यह भी बताया कि उपद्रव में शामिल कई आरोपियों की संपत्तियों का चिह्नांकन किया जा चुका है। कोर्ट की अनुमति मिलते ही कुर्की जैसी कार्रवाई शुरू की जाएगी ताकि किसी भी आरोपी को यह न लगे कि वह कानून से बच सकता है।
सवालों के घेरे में पुलिस की भूमिका
अफजाल बेग का इस तरह से कोर्ट में आत्मसमर्पण करना न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि इनामी आरोपी पुलिस के सामने कितनी आसानी से अपनी चाल चल जाते हैं। पुलिस को पहले ही जानकारी थी कि अफजाल कोर्ट जा सकता है, फिर भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इससे साफ है कि या तो पुलिस की तैयारी कमजोर थी या फिर “जानबूझकर” ढिलाई बरती गई।
किला थाना पुलिस पर पहले भी कार्रवाई में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में अफजाल का कोर्ट में आत्मसमर्पण करना इस धारणा को और मजबूत करता है कि पुलिस केवल कागज़ों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि मैदान में अपराधी अपने तरीके से कानून को चुनौती दे रहे हैं।
28 अक्टूबर को अगली सुनवाई, पुलिस की नजर रिमांड पर
अब बरेली पुलिस की निगाह 28 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी है। संभावना है कि इस दौरान पुलिस कोर्ट से अफजाल की रिमांड मांगेगी। अगर कोर्ट से मंजूरी मिलती है, तो पुलिस उससे उपद्रव के दिन की भूमिका, संपर्क सूत्रों और फंडिंग से जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अफजाल बेग की गिरफ्तारी से तौकीर रजा के कुछ और करीबी लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। लिहाजा पुलिस अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और पूरी तैयारी के साथ कोर्ट में पेश होने की योजना बना रही है।
अफजाल बेग का कोर्ट में आत्मसमर्पण पुलिस के लिए करारा झटका है। इनामी आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही किला पुलिस की सक्रियता अब सवालों के घेरे में है। हालांकि पुलिस ने रिमांड और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। 28 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई अब इस पूरे मामले का अगला अहम पड़ाव साबित हो सकती है।
