खबर का असर: आरसी विवाद में क्लेरा स्वेन मिशन हॉस्पिटल को फिर नोटिस, 53.54 लाख जमा करने को 7 दिन का अल्टीमेटम
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। आरसी के नाम पर स्कूल सील किए जाने के विवाद और तहसील प्रशासन पर मिलीभगत के आरोपों के बीच अब प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मामले के तूल पकड़ने और खबर सामने आने के बाद तहसीलदार सदर ने क्लेरा स्वेन मिशन हॉस्पिटल को एक बार फिर नोटिस जारी कर बकाया 53.54 लाख रुपये सात दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है।
यह नोटिस हॉस्पिटल के महासचिव रेव्ह डेविड नथानिएल और केंद्रीय कोषाध्यक्ष संदीप ठाकोर को जारी किया गया है। तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि उप श्रम आयुक्त न्यायालय के आदेश के बावजूद श्रमिकों की पूरी बकाया राशि अभी तक जमा नहीं कराई गई है।
आरसी विवाद से उठा था मामला
दरअसल, हाल ही में मेथोडिस्ट इंग्लिश प्राइमरी स्कूल, 91 सिविल लाइंस के मैनेजर नीरज मिश्रा ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त को शिकायत भेजी थी। उनका आरोप था कि क्लेरा स्वेन मिशन हॉस्पिटल के खिलाफ जारी आरसी को गलत तरीके से स्कूल की जमीन पर लागू कर दिया गया और स्कूल को सील कर दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि स्कूल का अस्पताल के खिलाफ चल रहे श्रम न्यायालय के मुकदमे या आरसी से कोई संबंध नहीं है, फिर भी तहसील कर्मियों ने कार्रवाई कर दी। पीड़ित ने इसे मिलीभगत बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और स्कूल की सील खुलवाने की मांग की है।
73.70 लाख में से केवल 20.16 लाख जमा
प्रशासन के अनुसार क्लेरा स्वेन मिशन हॉस्पिटल पर कुल 73.70 लाख रुपये का बकाया है। इसमें से अब तक केवल 20.16 लाख रुपये ही जमा किए गए हैं, जबकि 53.54 लाख रुपये की वसूली अभी बाकी है।
उप श्रम आयुक्त की ओर से डीएम के माध्यम से अस्पताल के खिलाफ 18 वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी किए जा चुके हैं और उनकी तामीला भी कराई जा चुकी है।
17 रिमाइंडर के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
तहसीलदार कार्यालय की ओर से भी विभिन्न तिथियों में 17 रिमाइंडर जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अब अंतिम नोटिस जारी कर सात दिनों का मौका दिया गया है।
भूख हड़ताल की चेतावनी
बकाया भुगतान न मिलने से नाराज श्रमिक लगातार अधिकारियों के समक्ष प्रार्थना पत्र दे रहे हैं और भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दे चुके हैं। तहसील प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को चेताया है कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होगी।
अब इस पूरे मामले में आरसी, स्कूल सील और बकाया वसूली को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और शिकायतों के चलते मामला मंडलायुक्त स्तर तक पहुंच गया है, जिससे जांच और आगे की कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।


