रोडवेज चेकिंग के दौरान बवाल: रिश्वत मांगने के आरोप के बीच परिचालक पर बरसे जूते, वीडियो वायरल
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली।
रोडवेज की प्रवर्तन टीम की चेकिंग के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप और उसके बाद हुई मारपीट का मामला सामने आने से परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। मेरठ डिपो की बस की जांच के दौरान क्षेत्रीय प्रवर्तन दल के सहायक टिकट निरीक्षक (एटीआई) पर परिचालक से पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर विवाद इतना बढ़ गया कि प्रवर्तन दल के चालक ने बीच सड़क पर परिचालक की जूतों से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला मुख्यालय तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को एटीआई महेशपाल के नेतृत्व में प्रवर्तन दल चंदौसी रोड पर बसों की जांच कर रहा था। इसी दौरान मेरठ डिपो की एक बस को रोककर चेकिंग की गई। जांच में एक बच्ची हाफ टिकट पर यात्रा करती मिली। इसी बात को लेकर प्रवर्तन दल और बस परिचालक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। परिचालक का आरोप है कि मामले को निपटाने के नाम पर उससे पांच हजार रुपये की मांग की गई। जब उसने पैसे देने से मना किया तो विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहस के दौरान प्रवर्तन दल की कार के चालक सुरंजन ने अपना आपा खो दिया और यात्रियों के सामने परिचालक पर जूतों से हमला कर दिया। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। करीब 55 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चालक परिचालक को जूतों से मारते हुए दिखाई दे रहा है।
घटना के बाद प्रवर्तन दल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में एटीआई बॉडी वार्न कैमरा पहने नजर आ रहे हैं, लेकिन घटना की कोई आधिकारिक रिकॉर्डिंग सामने नहीं आई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि कैमरा चालू था तो फुटेज क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले को लेकर रोडवेज कर्मचारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
वायरल वीडियो और बढ़ते विवाद के बाद परिवहन निगम मुख्यालय ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और आरोपों की जांच कराई जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


