Home Uttar Pradesh गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर सख्ती, लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश

गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर सख्ती, लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश

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पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न

गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर सख्ती, लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश

रिपोर्ट/सत्य प्रकाश 

बरेली, 14 फरवरी। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गौशालाओं की व्यवस्थाओं, निरीक्षण प्रणाली और लंबित पत्रावलियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मा. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कोई भी पत्रावली अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि तहसील व विकास खंड स्तर पर भी प्रत्येक माह बैठकें आयोजित की जाएं और दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

निरीक्षण व्यवस्था पर जोर

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि नोडल अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाए तथा इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जो नोडल अधिकारी निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि ब्लॉक भदपुरा की गौशाला मधुनगला में अभी तक बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हुआ है। इस पर खंड विकास अधिकारी भदपुरा को छह माह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

गौशालाओं में चारा व भुगतान व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गौशालाओं में हरे चारे की कमी है, वहां संबंधित ग्राम प्रधान से समन्वय कर समस्या का समाधान कराया जाए। साथ ही जिन गौपालकों का हरा चारा या भूसे का भुगतान लंबित है, उसे शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौशालाओं में बीमार गायों को अन्य गायों से अलग रखा जाए, ताकि संक्रमण न फैले। यदि किसी गौशाला में क्षमता से अधिक गायें हैं तो अतिरिक्त गौपालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

फील्ड विजिट अनिवार्य

बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रत्येक माह कम से कम एक बार फील्ड विजिट अवश्य करें। नोडल अधिकारियों को गौशाला निरीक्षण के दौरान भूसा, हरा चारा, चोकर और लॉग बुक रजिस्टर की जांच अनिवार्य रूप से करने को कहा गया।

अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश

गौशालाओं में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश देने के निर्देश दिए गए, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, परियोजना निदेशक डीआरडीए चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा हबीब अंसारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनमोहन पाण्डेय, जिला पंचायती राज अधिकारी कमल किशोर सहित समस्त खंड विकास अधिकारी एवं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित

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