ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0: बरेली को मिला 15 हजार करोड़ का लक्ष्य, अब तक 2,500 करोड़ के निवेश करार
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली में उद्योगिक विकास को नई गति देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। दिसंबर में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) 5.0 के लिए जिले को 15,000 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य का जिम्मा सौंपा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कुल 21 विभागों पर जिम्मेदारी तय की गई है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के मुताबिक, अब तक करीब 2,500 करोड़ रुपये के निवेश करार हो चुके हैं, जबकि लगभग इतने ही निवेश प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। उद्योग विभाग उद्यमियों से लगातार संवाद कर रहा है और उन्हें निवेश के लाभों व योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस बार स्थापित उद्योगों, नए निवेश और विस्तार प्रोजेक्ट्स—तीनों को सूचीबद्ध किया जा रहा है।
जीबीसी 4.0 ने बनाया था रिकॉर्ड
पिछले चरण यानी जीबीसी 4.0 में बरेली को 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 318 उद्योगों के लिए 35,101 करोड़ रुपये के निवेश करार हुए थे। अभी तक इनमें से 190 उद्योग स्थापित हो चुके हैं। शेष प्रोजेक्ट्स को लेकर निवेश मित्र लगातार कंपनियों के संपर्क में हैं।
अब तक हुए मुख्य निवेश करार निवेशक प्रोजेक्ट बजट (करोड़ रुपये) स्थिति
त्रिवटीनाथ चीनी मिल चीनी मिल 150 संचालित
डालमिया शुगर चीनी मिल 800 निर्माणाधीन
ओमेक्स सिटी आवासीय प्रोजेक्ट 1,000 निवेश करार वाडीलाल आइसक्रीम यूनिट 500 निवेश करार
(उद्योग विभाग के निवेश मित्र पोर्टल की रिपोर्ट पर आधारित)
बीडीए और यूपीसीडा को 4,000–4,000 करोड़ के लक्ष्य
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और यूपीसीडा को चार-चार हजार करोड़ रुपये के निवेश करार का लक्ष्य दिया गया है। जिलाधिकारी ने बीडीए से दो वर्षों में पास हुए नक्शों के आधार पर प्रोजेक्ट संचालकों को इन्वेस्ट यूपी पोर्टल पर आवेदन कराने के निर्देश जारी किए हैं। हाल में ही 871 करोड़ की 28 परियोजनाओं के नक्शे स्वीकृत किए गए हैं।
बीडीए टाउनशिप नीति के तहत दो बड़े बिल्डरों ने भी आवेदन किए हैं, जिन पर कार्रवाई चल रही है।
भूमि न मिलने पर निवेशक बदायूं–पीलीभीत की ओर
कई बड़ी कंपनियों ने बरेली में भूमि उपलब्ध न होने के कारण अपने प्रोजेक्ट को बदायूं या पीलीभीत में स्थानांतरित करने पर विचार शुरू किया है। इसमें
रिलायंस इंडस्ट्रीज इंद्रप्रस्थ बायोफ्यूल्स सहित कई उद्योग शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर भूमि विकल्पों पर चर्चा की जाए।
विभागवार निवेश लक्ष्य
पर्यटन: 2,000 करोड़
उद्यान: 1,200 करोड़
गन्ना: 1,000 करोड़
नेडा: 1,000 करोड़
एमएसएमई व एक्सपोर्ट: 400 करोड़
खाद्य एवं पूर्ति, डेयरी, सहकारिता, स्वास्थ्य: 250–250 करोड़
वन: 250 करोड़
आबकारी, उच्च शिक्षा: 150–150 करोड़
एफएसडीए, चिकित्सा शिक्षा: 100–100 करोड़
माध्यमिक शिक्षा: 30 करोड़
हैंडलूम/टेक्सटाइल: 20 करोड़
पशुपालन: 5 करोड़
बेसिक शिक्षा: 2 करोड़
अधिकारियों का क्या कहना है?
उपायुक्त उद्योग विकास यादव ने बताया कि“जिले को 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश लक्ष्य मिला है। विभागों को लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है। अब तक 2,500 करोड़ रुपये के निवेश करार हो चुके हैं। निवेशकों से लगातार संपर्क बढ़ाया जा रहा है ताकि लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।”


