ट्रेन में संदिग्ध मौत: उर्स से लौट रहे मौलाना तौसीफ रजा की मौत पर बवाल, हत्या का आरोप
पत्नी बोलीं– ट्रेन में मारपीट के बाद हुई मौत, जमात रजा-ए-मुस्तफा ने निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की उठाई मांग
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। बिहार के किशनगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा की ट्रेन यात्रा के दौरान हुई संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को जमात रजा-ए-मुस्तफा की कोर कमेटी पीड़ित परिवार के साथ जीआरपी बरेली पहुंची और घटना को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
उर्स से लौटते वक्त हुआ हादसा, आखिरी कॉल में बताई थी मारपीट
जानकारी के अनुसार, मौलाना तौसीफ रजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने के बाद ट्रेन से अपने घर किशनगंज लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि ट्रेन में कुछ लोग उन्हें घेरकर मारपीट कर रहे हैं। इसके कुछ देर बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।
बाद में उनका शव बरेली कैंट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे संदिग्ध हालात में मिला, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
मृतक की पत्नी बरेली पहुंचीं और जीआरपी अधिकारियों से मिलकर घटना को हत्या बताते हुए मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक के मोबाइल से ही परिजनों को घटना की जानकारी मिली थी।
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
जमात रजा-ए-मुस्तफा का ऐलान– कोर्ट तक लड़ेंगे
जमात रजा-ए-मुस्तफा की कोर कमेटी ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान के निर्देश पर डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद और कौसर अली समेत कई पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
संगठन ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि रेलवे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की बड़ी विफलता है। धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे व्यक्ति के साथ मारपीट और संदिग्ध मौत बेहद निंदनीय है।
मुआवजा और उच्च स्तरीय जांच की मांग
जमात रजा-ए-मुस्तफा ने मांग की है कि:
मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो
दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए
पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए
संगठन ने साफ कहा कि वे इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे और पीड़ित परिवार को हर स्तर पर न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।
मौके पर रहे कई पदाधिकारी
घटना के दौरान शाईब उद्दीन रज़वी, मौलाना फरमान रज़ा, जुबैर नबी रज़वी और सय्यद इकरार अली रज़वी समेत कई लोग मौजूद रहे और परिवार को समर्थन दिया।
फिलहाल यह मामला संदिग्ध मौत से हत्या के आरोप तक पहुंच चुका है, अब सबकी नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।


