डिजिटल भुगतान में आगे निकला बरेली, नगर निगम की वसूली 100 करोड़ पार
रिपोर्ट /सत्य प्रकाश
बरेली। स्मार्ट सिटी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे बरेली ने एक और उपलब्धि हासिल की है। नगर निगम की चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 मार्च तक की कर वसूली 100.40 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। खास बात यह रही कि इस बार टैक्स भुगतान में डिजिटल माध्यमों का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला।
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक कुल 77,309 करदाताओं में से 37,362 लोगों ने यूपीआई के जरिए हाउस टैक्स जमा किया। इसके अलावा 2,926 लोगों ने क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान किया, जबकि 1,526 लोगों ने नेट बैंकिंग का सहारा लिया। इसके साथ ही कार्ड और चेक के माध्यम से भी बड़ी संख्या में कर जमा किया गया।
नगर निगम की आय बढ़ने की एक बड़ी वजह टैक्स दायरे में आए नए भवन भी हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां 52,072 भवन टैक्स के दायरे में थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 77,309 हो गई। निगम द्वारा कराए गए डोर-टू-डोर सर्वे और जीआईएस मैपिंग के जरिए हजारों नए भवन चिन्हित किए गए, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
20 मार्च तक शुद्ध कर मद में 71.26 करोड़ रुपये और करेत्तर मद में 29.14 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई है। नकद माध्यम से 24,829 लोगों ने 18.92 करोड़ रुपये जमा किए, जबकि आरटीजीएस से 4.62 करोड़ और एनईएफटी के जरिए 3.63 करोड़ रुपये निगम के खाते में आए।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने इसे शहरवासियों की जागरूकता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को लेकर लोगों का बढ़ता रुझान प्रशासन के लिए भी उत्साहजनक है। वहीं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने उम्मीद जताई कि 31 मार्च तक निगम पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा।


