Home Poltical तीन नोटिस बेअसर,अब तीन दिन की मोहलत:

तीन नोटिस बेअसर,अब तीन दिन की मोहलत:

0

तीन नोटिस बेअसर,अब तीन दिन की मोहलत:

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली

सीएम ग्रिड योजना पर फूटा नगर आयुक्त का गुस्सा, 35 करोड़ की योजना पर लटकी ब्लैकलिस्ट की तलवार

बरेली/मुख्यमंत्री ग्रिड योजना फेज-2 में गाजियाबाद की कार्यदायी एजेंसी शर्मा कंस्ट्रक्शन की लापरवाही पर अब नगर निगम बरेली ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

लगातार तीन नोटिस और चेतावनियों के बावजूद काम शुरू न होने से नाराज नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने एजेंसी को तीन दिन का अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया है। चेतावनी साफ है.

अगर तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर अनुबंध निरस्त किया जाएगा और मुकदमा दर्ज होगा।

35 करोड़ की परियोजना ठप, तीन महीने में नहीं हिला एक भी पत्थर

शासन ने सीएम ग्रिड योजना फेज-2 के तहत कोहाड़ापीर से कुदेशिया तक दोनों साइड रोड निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। इस महत्त्वाकांक्षी योजना का कार्य शर्मा कंस्ट्रक्शन (गाजियाबाद) को सौंपा गया था।

मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी के अनुसार, एजेंसी को 8 जुलाई 2025 को कार्यादेश दिया गया था और 15 माह में काम पूरा करना था। लेकिन अब तीन महीने बीत जाने के बाद भी एजेंसी ने काम शुरू नहीं किया। केवल जीपीआरएस सर्वे कराकर खानापूर्ति की गई है।

निविदा की शर्तों के बावजूद कंपनी ने न तो तकनीकी स्टाफ तैनात किया, न मशीनरी साइट पर लगाई।

नगर आयुक्त का अल्टीमेटम: देरी बर्दाश्त नहीं होगी

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने योजना में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा “शर्मा कंस्ट्रक्शन को कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। अब आखिरी मौका दिया गया है। यदि तीन दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो एजेंसी को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट कर नया ठेकेदार नियुक्त किया जाएगा।”

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना की देरी शासन की प्राथमिक परियोजनाओं की साख पर असर डाल रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एजेंसी के झूठे वादे, अब संपर्क तक किया बंद

30 सितंबर को कंपनी प्रतिनिधि पवन शर्मा ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर तुरंत काम शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद से न प्रगति हुई, न संपर्क। नगर निगम अधिकारियों ने कई बार एजेंसी से संपर्क साधने की कोशिश की, मगर अब कंपनी ने फोन उठाना तक बंद कर दिया है।

इस लापरवाही के कारण परियोजना की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अब शासन ने नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

नगर निगम एक्शन मोड में, योजना ठप नहीं रहने देंगे

नगर निगम ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री ग्रिड योजना जैसी प्रमुख परियोजना को ठप नहीं रहने दिया जाएगा। नई एजेंसी से काम शुरू कराकर तय समय सीमा में परियोजना पूरी की जाएगी।

नगर आयुक्त ने कहा “शासन की इस प्राथमिक योजना में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम हर हाल में यह काम पूरा कराएंगे, चाहे इसके लिए किसी भी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट क्यों न करना पड़े।”

आपको बता देसी एम ग्रिड योजना फेज-2 की कीमत: ₹35 करोड़

कार्यदायी एजेंसी: शर्मा कंस्ट्रक्शन, गाजियाबाद

कार्यादेश जारी: 8 जुलाई 2025

तीन नोटिस जारी, कोई काम नहीं

तीन दिन की आखिरी मोहलत,वरना ब्लैकलिस्ट मुकदमा

शासन ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version