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त्योहार पर यात्रियों को न हो दिक्कत: बरेली परिक्षेत्र में 650 बसें दौड़ेंगी विभिन्न मार्गों पर, छुट्टियां रद्द रोडवेज ने कसी कमर

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त्योहार पर यात्रियों को न हो दिक्कत: बरेली परिक्षेत्र में 650 बसें दौड़ेंगी विभिन्न मार्गों पर, छुट्टियां रद्द रोडवेज ने कसी कमर

फिरोज खान भास्कर टुडे

दीपावली और छठ महापर्व के दौरान दिल्ली-नोएडा-लखनऊ से लौटने वालों के लिए विशेष व्यवस्था, बरेली डिपो को मिलीं नई बसें, चालकों को मिलेगा प्रोत्साहन बोनस

बरेली/त्योहारों पर यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (रोडवेज) ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। दीपावली और छठ महापर्व पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए बरेली परिक्षेत्र में कुल 650 बसों को विभिन्न मार्गों पर लगाया गया है। साथ ही सभी चालक और परिचालकों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं ताकि किसी भी स्थिति में संचालन प्रभावित न हो।

क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि 18 से 30 अक्तूबर तक विशेष संचालन योजना लागू रहेगी। जिन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, वहां बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए हैं। बुधवार से यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, जबकि दीपावली से एक-दो दिन पहले बस अड्डों पर सबसे अधिक दबाव रहेगा।

स्थानीय मार्गों पर भी बढ़ाए गए फेरे, यात्रियों को नहीं झेलनी पड़ेगी बसों की कमी

दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद और मेरठ जैसे बड़े शहरों में काम करने वाले हजारों लोग त्योहार पर अपने घरों की ओर लौटते हैं। इनकी सुविधा के लिए बरेली आगमन के बाद स्थानीय मार्गों पर भी अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।

बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत और टनकपुर मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ाई गई है ताकि यात्रियों को अगले पड़ाव तक पहुंचने में दिक्कत न हो।

साथ ही, प्रत्येक डिपो के एआरएम (सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक) और स्टेशन मास्टर को यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार बस मार्गों में अस्थायी परिवर्तन करने की अनुमति दी गई है।

बरेली डिपो को मिलीं नई बसें, चार और आने वालीं

दीपावली से पहले ही बरेली डिपो को छह नई बसें मिल चुकी हैं, जबकि रुहेलखंड डिपो के लिए चार नई बसें रास्ते में हैं। बुधवार तक इनके पहुंचने की उम्मीद है। नई बसों के शामिल होने से संचालन व्यवस्था और सुगम होगी।

त्योहार के दौरान सभी चारों डिपो — बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और शाहजहांपुर — के एआरएम की ड्यूटी सीधे स्टेशनों पर रहेगी, ताकि किसी भी समय तत्काल निर्णय लिए जा सकें।

जाम और दुर्घटनाओं से निपटने के लिए विशेष इंतजाम

लखनऊ मुख्यालय से मिले निर्देशों के अनुसार बरेली-कटरा मार्ग पर किसी प्रकार की बाधा (जाम, दुर्घटना आदि) होने पर संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए क्रेन और रिकवरी वाहन सहित अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।

इसी तरह, गाजियाबाद, मेरठ और दिल्ली रूट पर भी संबंधित आरएम (क्षेत्रीय प्रबंधक) को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

स्टाफ के लिए प्रोत्साहन योजना — 13 दिन में 5850 रुपये तक बोनस

त्योहार अवधि (18 से 30 अक्तूबर) के दौरान लगातार ड्यूटी करने वाले चालक और परिचालक को विशेष प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा।

जो चालक-परिचालक प्रतिदिन 300 किलोमीटर की निर्धारित दूरी पूरी करेंगे, उन्हें 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 13 दिन में 5850 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
अगर कोई चालक निर्धारित दूरी से अधिक बस चलाएगा तो उसे प्रति किलोमीटर 55 पैसे अतिरिक्त मिलेंगे।
इसी तरह, कार्यशाला कर्मियों के लिए भी प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई है।

अनुशासनहीनता पर सख्ती, यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता

क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी कर्मचारी या चालक-परिचालक बिना अनुमति अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि है। “त्योहारों पर यात्रियों को बसों की कमी या अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा। हर स्थिति में संचालन सुचारू रखने की जिम्मेदारी तय कर दी गई है,” उन्होंने कहा।

त्योहार पर रोडवेज की तैयारी — एक नज़र में

बरेली परिक्षेत्र में 650 बसें लगाई गईं

चालकों व परिचालकों की छुट्टियां रद्द

बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, टनकपुर मार्गों पर अतिरिक्त फेरे

बरेली डिपो को 6 नई बसें, रुहेलखंड को 4 बसें मिलने वालीं

18 से 30 अक्तूबर तक विशेष संचालन योजना

प्रतिदिन 300 किमी चलाने पर 400 रुपये प्रोत्साहन राशि

बरेली-कटरा मार्ग पर क्रेन व अन्य आपात इंतजाम

अनुपस्थित स्टाफ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

बरेली बना परिवहन का केंद्रीय हब दीपावली और छठ जैसे बड़े पर्वों पर उत्तर प्रदेश के लाखों लोग अपने घर लौटते हैं। इस दौरान बरेली परिक्षेत्र सिर्फ यात्रियों का नहीं, बल्कि पूरा पश्चिमी यूपी का परिवहन केंद्र बन जाता है।

रोडवेज की इस बार की तैयारियां दिखाती हैं कि विभाग ने पिछले वर्षों की अव्यवस्थाओं से सबक लेते हुए इस बार किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी है।

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