द्वारकेश चीनी मिल के बंद होने से कचौली के किसान परेशान, गन्ना कोल्हू पर बेचने को मजबूर
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
सरसों और गेहूं की बुवाई में भी हो रही देरी, किसानों ने ₹450 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य की मांग की
बरेली (बिथरी चैनपुर)। क्षेत्र के कचौली गांव के किसान इन दिनों गहरी परेशानी में हैं। द्वारकेश चीनी मिल समय पर शुरू न होने के कारण किसान अपने गन्ने की पेराई नहीं कर पा रहे हैं। खेतों में खड़ा तैयार गन्ना अब धीरे-धीरे सूखने लगा है। मजबूरन किसान उसे स्थानीय कोल्हुओं पर औने-पौने दामों में बेचने को विवश हैं। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किसानों जानकारी देते हुए बताया कि मिल बंद होने के कारण खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं, जिससे सरसों और गेहूं की बुवाई भी समय से नहीं हो पा रही। उनका कहना है कि अगर बुवाई देर से हुई तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ेगा।
किसानों ने बताया कि उन्होंने गन्ने की फसल तैयार करने में डीएपी, यूरिया, खाद, पानी, कीटनाशक दवाओं, मजदूरी और जुताई पर हजारों रुपये खर्च किए हैं। लेकिन अब बाजार में गन्ने के कम दाम मिलने से उनका मेहनताना तक नहीं निकल रहा।
किसान बृजेश कुमार ने कहा,
“गन्ने का भाव कई वर्षों से नहीं बढ़ा है। इस साल भी लागत बढ़ गई है, लेकिन कीमत वही पुरानी है। सरकार को चाहिए कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए गन्ने का मूल्य ₹450 प्रति क्विंटल तय करे, ताकि हमें कुछ राहत मिले।”
किसानों ने शासन-प्रशासन से द्वारकेश चीनी मिल को तुरंत शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मिल जल्द शुरू हो जाए तो गन्ने की समय पर पेराई हो सकेगी और सरसों व गेहूं की बुवाई भी तय समय पर पूरी हो पाएगी।
स्थानीय किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर मिल संचालन में देरी जारी रही तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।


