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धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर मुस्लिम जमात का तीखा विरोध, मौलाना रजवी बोले– धर्म के नाम पर नफरत बर्दाश्त नहीं

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धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर मुस्लिम जमात का तीखा विरोध, मौलाना रजवी बोले– धर्म के नाम पर नफरत बर्दाश्त नहीं

रिपोर्ट/ राजेश सिंह 

बरेली। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा इस्लाम धर्म को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान पर देश की प्रमुख मुस्लिम धार्मिक संस्था आल इंडिया मुस्लिम जमात ने कड़ा ऐतराज़ जताया है। जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस बयान को धार्मिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए इसे नफरत फैलाने वाला करार दिया।

मौलाना रजवी ने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री एक धार्मिक व्यक्ति हैं और ऐसे में उनसे और अधिक संयम व जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है। किसी भी धर्म, विशेषकर इस्लाम जैसे वैश्विक धर्म के खिलाफ अपमानजनक शब्दों या कटाक्ष से समाज में वैमनस्य और तनाव पैदा होता है, जो देशहित में नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया बयान में इस्लाम के उसूलों, निकाह, तलाक और शादी से जुड़ी धार्मिक परंपराओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। मौलाना ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज सभी धर्मों और उनके गुरुओं का सम्मान करता है, लेकिन किसी धर्म पर सीधा हमला किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

मौलाना रजवी ने यह भी कहा कि इस्लाम किसी दूसरे धर्म के खिलाफ बोलने की इजाजत नहीं देता, इसी वजह से मुसलमान न तो किसी धर्म पर टिप्पणी करता है और न ही किसी अन्य धार्मिक गतिविधि में हस्तक्षेप करता है। इसके बावजूद बार-बार मुसलमानों और इस्लाम को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री पूर्व में भी मुसलमानों को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। कभी “टोपी वाले सुधर जाओ” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, तो अब सीधे इस्लाम मजहब पर कटाक्ष किया गया है, जिससे देश के करोड़ों मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

मौलाना ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब इस्लाम को दबाने की कोशिश की गई, तब-तब इस्लाम और अधिक मजबूती के साथ सामने आया। मुसलमान व्यक्तिगत आरोपों को सहन कर सकता है, लेकिन धर्म पर हमले को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान सुप्रीम कोर्ट के उस स्पष्ट रुख के खिलाफ हैं, जिसमें नफरत फैलाने वाले भाषणों को हेट स्पीच की श्रेणी में रखा गया है।

गौरतलब है कि हाल ही में बांदा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दूसरे धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद देशभर में प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया है।

आल इंडिया मुस्लिम जमात ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि मामले का संज्ञान लिया जाए और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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