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प्रेमनगर में महिला साइकोलॉजिस्ट से लूट, FIR में देरी पर पुलिस सवालों के घेरे में

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प्रेमनगर में महिला साइकोलॉजिस्ट से लूट, FIR में देरी पर पुलिस सवालों के घेरे में

सीओ ने इंस्पेक्टर प्रेमनगर के खिलाफ एसएसपी को भेजी रिपोर्ट

रिपोर्ट/ राजेश सिंह 

बरेली।प्रेमनगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े महिला साइकोलॉजिस्ट के घर में घुसकर मोबाइल लूट की सनसनीखेज वारदात और उसमें एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच के बाद सीओ आशुतोष शिवम ने इंस्पेक्टर प्रेमनगर की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी है।

राजेंद्रनगर स्थित पीडब्ल्यूडी आवास विकास कॉलोनी में रहने वाली रेनू पीलीभीत में साइकोलॉजिस्ट हैं। 22 दिसंबर को दोपहर करीब एक बजे वह घर में अकेली थीं। इसी दौरान ई-रिक्शा से आया एक युवक खुद को पीडब्ल्यूडी का मेंटेनेंस कर्मचारी बताकर घर में दाखिल हो गया। आरोपी ने महिला से हाथापाई की और उनका मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गया।

पीड़िता ने घटना के तुरंत बाद तहरीर दी, लेकिन प्रेमनगर पुलिस ने चार दिन बाद एफआईआर दर्ज की। इतना ही नहीं, गंभीर लूट की घटना को छिनैती की धारा में दर्ज किए जाने से भी सवाल उठे। इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ ने की, जिसमें एफआईआर में देरी, धाराओं के चयन और थाना स्तर पर बरती गई लापरवाही को गंभीर माना गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर सीओ ने इंस्पेक्टर प्रेमनगर के खिलाफ एसएसपी को विस्तृत आख्या भेजी है। वहीं, पुलिस ने जोगीनवादा निवासी आरोपी मंजीत राठौर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटा गया मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद कर लिया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीओ की रिपोर्ट के बाद इंस्पेक्टर प्रेमनगर राजबली के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह मामला एक बार फिर एफआईआर में देरी और धाराओं में हेरफेर को लेकर पुलिस की जवाबदेही पर बहस को हवा दे रहा है।

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