फरीदपुर में एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई: चकबंदी लेखपाल 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
मनचाहा चक दिलाने के नाम पर किसानों से करता था वसूली, विभाग में मचा हड़कंप
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली जिले की फरीदपुर तहसील में बुधवार देर रात एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी विभाग के एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लेखपाल अजय तेवतिया पर किसानों से मनमाफिक चक दिलाने के बदले मोटी रकम मांगने के आरोप थे। टीम ने उसे 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
जानकारी के मुताबिक अजय तेवतिया फरीदपुर तहसील क्षेत्र के मल्लहपुर और रहपुरा गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में तैनात था। इन गांवों में वर्ष 2010 से चकबंदी का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप था कि लेखपाल जमीन के चक निर्धारण में मनमानी करता था और सुविधा के अनुसार चक देने के बदले किसानों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग करता था।
किसानों की शिकायत पर बिछाया गया जाल
बताया जा रहा है कि किसान कबीरुल हसन, जाकिर अली और मोहम्मद उवैस ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया कि लेखपाल लगातार रिश्वत मांग रहा है और बिना पैसे काम करने को तैयार नहीं है। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले का सत्यापन कराया और फिर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
बुधवार रात करीब नौ बजे एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को 15 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ बरेली ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
बुलंदशहर का रहने वाला है आरोपी
सूत्रों के अनुसार आरोपी अजय तेवतिया मूल रूप से बुलंदशहर जिले का निवासी है। वर्ष 2016 में सरकारी सेवा में आने के बाद से उसकी तैनाती बरेली जिले में ही रही है। उसकी पत्नी भी सरकारी विद्यालय में शिक्षिका बताई जा रही हैं।
आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर प्रवीण सान्याल ने बताया कि आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। साथ ही शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच की जाएगी।
कार्रवाई से किसानों में खुशी
चकबंदी विभाग में हुई इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों और किसानों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतों से परेशान किसानों ने एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी के दौरान अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई बहुत कम होती थी। ऐसे में इस गिरफ्तारी से विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने की उम्मीद जगी है।
