फाइक एन्क्लेव कभी चाय बेचने वाले मोहम्मद आरिफ पर अब असला निरस्त की तलवार लटकी!
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
शिकायतकर्ता परवेज अख्तर की अर्जी पर पुलिस ने तैयार की पूरी कुंडली**
बरेली/ अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान के बीच कॉलोनाइज़र मोहम्मद आरिफ के साम्राज्य पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। फाइक एन्क्लेव, अवैध शोरूम व मार्केट पर कार्रवाई की तलवार पहले ही लटक रही थी, लेकिन अब आरिफ पर एक नई बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है उसके लाइसेंसी असलहे को निरस्त करने की।
परवेज अख्तर की शिकायत पर पुलिस ने खंगाले रिकॉर्ड
विश्वसनीय पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता परवेज अख्तर द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र के आधार पर पुलिस ने आरिफ की पूरी आपराधिक और प्रशासनिक कुंडली तैयार करनी शुरू कर दी है।
सूत्रों का कहना है कि परवेज अख्तर की लंबी शिकायत सूची और गंभीर आरोपों को आधार बनाते हुए पुलिस आरिफ के खिलाफ दर्ज मामलों, विवादित जमीनों,अवैध निर्माणों और पुराने विवादों की जांच कर रही है।
किसी भी वक्त जारी हो सकता है “असला निरस्त” आदेश
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार
आरिफ के खिलाफ लगातार विवाद सामने आने,
सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप,
अवैध निर्माणों में मिली अनियमितताएँ,और अब परवेज अख्तर की शिकायत इन सबके मद्देनज़र उसका असलहा लाइसेंस “जनहित व शांति-व्यवस्था के लिए खतरा” के आधार पर रद्द किया जा सकता है।
अंदरखाने खबर है कि निरस्तीकरण की फाइल लगभग तैयार है, और आदेश कभी भी जारी हो सकता है।
फाइक एन्क्लेव पर प्रशासन की कड़ी नजर बुलडोज़र की आहट तेज
इधर आरिफ की सबसे बड़ी परियोजना फाइक एन्क्लेव को लेकर भी प्रशासन की सख्ती बढ़ चुकी है।
आपको बता दे मिली जानकारी के मुताबिक मंडलायुक्त भूपेंद्र एस.चौधरी ने नक़्शे के हिसाब से मना है कि कॉलोनी का बड़ा हिस्सा तालाब, चकमार्ग, सीलिंग व सरकारी जमीन पर विकसित किया गया है।
इसकी जांच के लिए एसडीएम सदर की अगुवाई में विशेष टीम गठित की जा रही है, जो मौके पर जाकर मापन व अभिलेखों का मिलान करेगी।
प्रशासनिक सूत्र साफ कहते हैं “जमीन सरकारी निकलने पर बुलडोज़र लगने में देर नहीं लगेगी।”
बीडीए भी सतर्क—बिना नक्शे बने मकानों पर कार्रवाई तय बरेली विकास प्राधिकरण ने फाइक एन्क्लेव में बने अधिकांश मकानों के बिना नक्शा अवैध कमर्शियल निर्माण पार्किंग नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की है। नोटिस जारी हो चुके हैं।
फहम लॉन, स्काई लार्क होटल और फ्लोरा गार्डन भी घेरे में
आरिफ के तीन बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में हैं।
बीडीए के मुताबिक तीनों नेपास हुए नक्शों से अलग निर्माण जमीन उपयोग नियमों का उल्लंघन पार्किंग व्यवस्था बिगाड़ने जैसी गंभीर गड़बड़ियाँ की हैं।
रसूख हुआ बेअसर—अब एक-एक फाइल खुल रही है
2016–17 में तमाम सरकारी दफ्तरों में आरिफ का खासा दबदबा बताया जाता था। इसी रसूख ने उसके अवैध निर्माणों पर वर्षो तक कार्रवाई रुकवाए रखी।
लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।अवैध मार्केट और तीन मंज़िला शोरूम ढहने के बाद, फाइक एन्क्लेव पर बुलडोज़र और असला निरस्तीकरण, दोनों ही किसी भी वक्त हो सकते हैं।
परवेज अख्तर की शिकायत बनी टर्निंग पॉइंट
करीबी सूत्रों का दावा है कि
परवेज अख्तर की ताज़ा शिकायत प्रशासन के लिए निर्णायक साबित हुई है,
क्योंकि इसमें जमीन कब्जे,धमकाने,विवाद बढ़ाने,और पूर्व घटनाओं के विस्तृत विवरण
कई गंभीर बिंदु शामिल हैं। इसी शिकायत पर आधारित पुलिस की रिपोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगी।


