बरेली कोर्ट में बयान पलटे, दुष्कर्म के आरोपी डॉक्टर को राहत; सभी आरोपों से बरी
रिपोर्ट/ राजेश सिंह
बरेली। बरेली में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी डॉक्टर को दोषमुक्त करार देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत का यह फैसला तब आया, जब सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके माता-पिता अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए।
यह मामला इज्जतनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा था, जिसकी सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट देवाशीष की अदालत में चल रही थी। आरोप था कि बहेड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी डॉक्टर, जो इज्जतनगर के एक मोहल्ले में क्लीनिक चलाता था, ने सितंबर 2023 में 17 वर्षीय किशोरी को बहाने से क्लीनिक बुलाकर दुष्कर्म किया। इस संबंध में पीड़िता के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने जांच के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल की थी और 28 मार्च 2024 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय कर सुनवाई शुरू की।
सुनवाई में पलटे बयान
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पीड़िता, उसकी मां और पिता तीनों ने अपने पूर्व बयानों से इनकार कर दिया। पीड़िता के पिता ने अदालत में कहा कि घटना के समय उनकी बेटी की उम्र 18 वर्ष से अधिक थी और डॉक्टर ने उसके साथ कोई गलत कृत्य नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों के बहकावे में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पिता ने अदालत को यह भी बताया कि वर्तमान में उनकी बेटी की शादी उसी डॉक्टर से हो चुकी है और दोनों पति-पत्नी के रूप में सुखी जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पीड़िता और उसकी मां ने भी किसी प्रकार की जबरदस्ती या गलत कृत्य से इनकार किया।
सबूतों के अभाव में बरी
अदालत ने गवाहों के बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और पूरे मामले की सुनवाई के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा है। इसके बाद स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी डॉक्टर को सभी आरोपों से दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
