बरेली को संभल बनाना चाहती है सपा” मौलाना शहाबुद्दीन का पलटवार बोले, अखिलेश यादव की मंशा नहीं होने देंगे पूरी!
फिरोज खान भास्कर टुडे
ब्यूरो रिपोर्ट-रफत आलम
बरेली में हाल के बवाल के बाद माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, मगर राजनीति का पारा तेजी से चढ़ रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “सपा जहां जाती है, वहां अशांति और बवाल खड़ा करती है।”
उन्होंने सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव बरेली को “दूसरा संभल” बनाना चाहते हैं, लेकिन उनकी ये मंशा कभी पूरी नहीं होने दी जाएगी।
“सपा का प्रतिनिधिमंडल जहां गया, वहां शांति टूटी”
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता हर जगह जाकर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं।
“सपा का प्रतिनिधिमंडल जिस भी जिले में गया, वहां उसने माहौल खराब किया, नफरत फैलाई और लोगों को भड़काने की कोशिश की,उन्होंने कहा।
उन्होंने दावा किया कि बरेली में फिलहाल अमन और शांति का माहौल है, जुमे की नमाज भी बेहद शांतिपूर्वक अदा की गई, लोग नमाज के बाद अपने घरों को लौट गए, मगर अब समाजवादी पार्टी इस शांति को अशांति में बदलने की साज़िश कर रही है।
“सपा के लोग शांति के दुश्मन बन गए हैं। यह पार्टी सिर्फ नारे लगाना, ढोल बजाना और भीड़ इकट्ठा करना जानती है। इनके नेताओं के दिलों में न तो सेवा का भाव है, न ही लोगों के प्रति कोई संवेदना।”
“बरेली को संभल नहीं बनने देंगे”मौलाना ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा “अखिलेश यादव सुन लें, बरेली का मामला पूरी तरह स्थानीय है। यहां के लोग और प्रशासन मिलकर हालात संभाल रहे हैं। बाहर के लोगों को यहां आकर आग में घी डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”
उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की बरेली में एंट्री केवल नई समस्या पैदा करेगी।
“अगर समाजवादी पार्टी ने शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, और पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो मुस्लिम जमात के कार्यकर्ता सपाइयों को मुंहतोड़ जवाब देना जानते हैं।”
“गंगा-जमुनी तहजीब पर आंच नहीं आने देंगे”मौलाना रज़वी ने लोगों से अपील की कि बरेली की गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे को हर हाल में कायम रखा जाए।
उन्होंने कहा
“बाहरी लोग शहर के शांति वातावरण में खलल डालने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए पुलिस और प्रशासन को चाहिए कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जाए। बरेली की मिट्टी मोहब्बत और एकता की मिसाल रही है, इसे कोई तोड़ नहीं सकता।”
सपा प्रतिनिधिमंडल को रोका गया था रास्ते में गौरतलब है कि हाल ही में हुए बरेली बवाल के बाद समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शहर आने वाला था।
लेकिन पुलिस प्रशासन ने स्थिति की नाजुकता को देखते हुए सभी नेताओं को उनके जिलों में ही रोक दिया।
इस पर सपा ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया था, जबकि अब मौलाना शहाबुद्दीन ने सपा पर “अशांति फैलाने की साजिश” रचने का गंभीर आरोप जड़ दिया है।
“सपा की राजनीति नफरत की जमीन पर खड़ी है”
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि सपा की राजनीति केवल धर्म और जाति की खाई को चौड़ा करती है।
“अखिलेश यादव को समझ लेना चाहिए कि अब जनता उनके झूठे वादों में आने वाली नहीं। बरेली में किसी भी कीमत पर हिंसा, नफरत या बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि बरेली के लोग अपने शहर को “नफरत का अड्डा” नहीं बनने देंगे।
बरेली में शांति, मगर सियासी हलचल तेज एक ओर जहां पुलिस प्रशासन लगातार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर सियासी बयानबाजी ने माहौल को और गर्मा दिया है।
बरेली के धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने एक सुर में कहा है कि बरेली को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।
