बरेली बवाल केस में सनसनीखेज खुलासा, जेल से रची गई गवाह की हत्या की साजिश
रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली।
बरेली बवाल मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बवाल के आरोपी आईएमसी नेता व पार्षद अनीस सकलैनी ने जेल में रहते हुए इस केस के अहम गवाह और सपा के पूर्व पार्षद की हत्या की साजिश रची। पुलिस का आरोप है कि अनीस सकलैनी ने अपनी पत्नी के जरिए पीलीभीत के एक बदमाश को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी।
पुलिस के अनुसार, सपा के पूर्व पार्षद चक महमूद उर्फ अंजुम खां (निवासी फिरदौस खां) इस मामले में अहम गवाह हैं। इसी रंजिश के चलते अनीस सकलैनी और उसके साथियों ने उनकी हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि जेल में मुलाकात के दौरान अनीस सकलैनी ने अपनी पत्नी यासमीन को वरिष्ठ आईएमसी नेताओं की शह पर हत्या कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद यासमीन ने पीलीभीत के बीसलपुर निवासी अपराधी फुरकान को पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। फुरकान वारदात को अंजाम देने की नीयत से बरेली पहुंचा और पूर्व पार्षद के घर के आसपास रेकी करने लगा।
इसी बीच अंजुम खां को हत्या की साजिश की भनक लग गई, जिसके बाद उन्होंने बारादरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार देर रात फुरकान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हुआ, जिसके बाद इस मामले में कुल नौ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि 26 सितंबर 2025 को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर इस्लामिया ग्राउंड जाने की कोशिश कर रही भीड़ ने शहर के दस स्थानों पर जमकर बवाल किया था। इस दौरान पुलिस पर भी हमला हुआ था। इस प्रकरण में दस मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें मौलाना तौकीर रजा, आईएमसी महानगर अध्यक्ष व पार्षद अनीस सकलैनी, फैजुल नवी, मोईन सहित 80 से अधिक उपद्रवियों को जेल भेजा गया था।
