बरेली बवाल में पुलिस का बड़ा एक्शन: 17 नए उपद्रवियों के नाम उजागर,
रिपोर्ट- कार्यालय संवाददाता
दो गिरफ्तार तौकीर रजा के गुर्गों पर शिकंजा कसता जा रहा है!
बरेली बवाल में पुलिस अब पूरी तरह आक्रामक मोड में है। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके गुर्गों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। बुधवार को पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचकर जेल भेज दिया, जबकि 17 नए उपद्रवियों के नाम मुकदमे में जोड़ दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक ये सभी वही चेहरे हैं, जो 26 सितंबर को हुए बवाल में साजिश और उपद्रव फैलाने में सक्रिय थे।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस ने सोशल मीडिया फुटेज, सीसीटीवी वीडियो, सर्विलांस और डंप डाटा एनालिसिस के जरिए इन नए आरोपियों की पहचान की है। खास बात यह है कि पुलिस ने जिन नए सॉफ्टवेयर और तकनीकी उपकरणों को हाल ही में खरीदा है, वे अब पहचान में बेहद कारगर साबित हो रहे हैं।
दो और गिरफ्तार, 17 नए नाम खुले तौकीर के नेटवर्क में मच गई खलबली
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद बरेली पुलिस ने 17 और नए आरोपियों के नाम खोले हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी भीड़ जुटाने, नारेबाजी करने, दंगा भड़काने और हिंसा फैलाने की साजिश में शामिल थे।
अब तक दस मुकदमों में 125 लोगों को नामजद किया गया है और करीब तीन हजार से अधिक अज्ञात आरोपी हैं। इनमें से 86 को जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान पुलिस ने अब 17 नए नाम जोड़ दिए हैं, जिन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
ये हैं नए 17 आरोपी फुटेज और कॉल डिटेल से मिली लोकेशन
पुलिस की जांच में जिन 17 नए उपद्रवियों के नाम सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं.
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के
👉 रफीक बेग,
👉 मजीद बेग,
👉 रिजवान,
👉 नासिर खान,
👉 लईक अहमद,
👉 शफीले अहमद,
👉 जाफर,
👉 शकील,
👉 हसीन।
थाना किला क्षेत्र के
👉 दाऊद (गंदा नाला, पंजाबपुरा),
थाना बारादरी क्षेत्र के
👉 शानू उर्फ टैंपू (कांकर टोला),
👉 आरिफ,
👉 वलीद जिलानी,
हजियापुर के
👉 आरिफ,
चक सकलैन के
👉 नईम उर्फ लाली,
👉 फैजान,
और कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर के
👉 अफजाल कुरैशी।
इन सभी पर भीड़ जुटाने, हिंसा भड़काने, और दंगा कराने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस अब इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दे रही है।
सर्विलांस और तकनीक से खुली परतें फुटेज और कॉल डिटेल से हुआ खुलासा
एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार, इन 17 नए नामों की पुष्टि तकनीकी साक्ष्यों से की गई है।
पुलिस ने बवाल वाले दिन इन सभी के मोबाइल लोकेशन डेटा का मिलान किया। परिणाम चौंकाने वाले निकले — ये सभी 26 सितंबर को उसी इलाके में सक्रिय थे, जहां हिंसा भड़की थी।
पुलिस ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फुटेज विश्लेषण में यह सामने आया है कि कई आरोपी एक-दूसरे से संपर्क में थे और आईएमसी नेताओं से भी लगातार बात कर रहे थे। सर्विलांस टीम ने डंप डाटा एनालिसिस के जरिए उनकी गतिविधियों को ट्रैक किया और फुटेज के साथ लोकेशन मैच की।
अब तक 86 जेल में, 3000 से ज्यादा अज्ञात तौकीर रजा के इशारे पर भड़का था बवाल
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को बरेली में जो हिंसा हुई, वह कोई सामान्य घटना नहीं थी। यह संगठित और योजनाबद्ध साजिश थी, जिसमें आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है।
मामले में अब तक दस मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
इनमें 125 नामजद आरोपी और 3000 से ज्यादा अज्ञात लोग शामिल हैं।
अब तक 86 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी की तलाश में टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
‘सॉफ्टवेयर से पहचान आसान हुई’ SSP का बयान
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा “बरेली पुलिस ने हाल ही में जो नए सॉफ्टवेयर खरीदे हैं, वे इस तरह के मामलों में बेहद कारगर साबित हो रहे हैं। सर्विलांस फुटेज, वीडियो क्लिप और सोशल मीडिया डेटा का मिलान करके आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस का कहना है कि अब प्रत्येक आरोपी की डिजिटल प्रोफाइलिंग की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे उपद्रवियों को ट्रैक किया जा सके।
शहर में खौफ और सन्नाटा — लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा
बरेली में इन लगातार होती गिरफ्तारियों और नामजदगी से बवाल से जुड़े इलाकों में खौफ का माहौल है।
पुलिस की दबिशें इज्जतनगर, किला, बारादरी, और कोतवाली क्षेत्रों में जारी हैं।
लोगों का कहना है कि पुलिस इस बार किसी दबाव में नहीं, बल्कि पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है।
कई इलाकों में पुलिस ने पोस्टर व नोटिस चस्पा कर दिए हैं, जिनमें नए आरोपियों को खुद सरेंडर करने या नतीजे भुगतने की चेतावनी दी गई है।
बरेली में ‘ऑपरेशन क्लीन’ जारी
बरेली पुलिस अब बवाल के आरोपियों को पकड़ने के लिए एक-एक करके ‘ऑपरेशन क्लीन’ चला रही है।
मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी के बाद अब उनके नजदीकी सहयोगियों पर कानून का शिकंजा कस रहा है।
पुलिस की कार्रवाई यह संदेश दे रही है
“जो भीड़ में शामिल हुआ, वो अब कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।”
