बरेली में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, आधी रात छापेमारी में 3 तस्कर गिरफ्तार
जनकपुरी में रेलवे लाइन किनारे चल रहा था तमंचा बनाने का धंधा, भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। शहर के बीचों-बीच अवैध हथियार बनाने का गोरखधंधा चल रहा था, जिसकी भनक तक पुलिस को नहीं थी। एक सटीक मुखबिर की सूचना पर थाना प्रेमनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनकपुरी इलाके में पुरानी रेलवे लाइन के पास चल रही अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया। इस दौरान पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
सीओ सिटी आशुतोष शिवम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देर रात इलाके की घेराबंदी कर छापा मारा। मौके पर तीन लोग कोयले की भट्टी जलाकर हथौड़े और छेनी से तमंचे तैयार करते मिले। पुलिस को देखते ही उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को दबोच लिया।
आरोपियों की पहचान और खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय गंगवार, तेजपाल और राजकुमार उर्फ राजू निवासी शेरगढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कम पढ़े-लिखे हैं और परिवार का खर्च चलाने के लिए अवैध तमंचे बनाकर बेचते थे। तैयार हथियारों की बिक्री से होने वाले मुनाफे को आपस में बांट लेते थे।
मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 315 बोर के 3 तैयार तमंचे, 1 अधबना तमंचा, 12 बोर का 1 तैयार तमंचा और 3 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा आरी ब्लेड, छेनी, लोहे की नाल, वेल्डिंग रॉड, रेगमाल और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनसे अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे।
आर्म्स एक्ट में केस दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 5/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
टीम को मिली सराहना
इस कार्रवाई में निरीक्षक अपराध सुरेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक सुधीर कुमार, प्रमोद कुमार, अक्षय त्यागी, मुख्य आरक्षी बलवीर कर्दम, नंदकिशोर, यश कुमार और आरक्षी मनीष धामा व अनुराग की अहम भूमिका रही। सीओ सिटी ने टीम की सराहना करते हुए इसे बड़ी सफलता बताया।
निष्कर्ष:
शहर के बीच अवैध शस्त्र फैक्ट्री का खुलासा पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि पुलिस अब अपराधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
