बरेली में आरिफ की फाइक एन्क्लेव पर बुलडोज़र का साया गहराया, प्रशासन की कड़ी नजर; सरकारी ज़मीन पर कब्जे की जांच शुरू
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली में आरिफ की कॉलोनी फाइक एन्क्लेव भी विवादों के घेरे में, प्रशासन उठा सकता है बड़ा कदम
बरेली में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। कॉलोनाइज़र मोहम्मद आरिफ की अवैध मार्केट और तीन मंज़िला शोरूम को जमींदोज़ करने के बाद अब प्रशासन की नजर उसकी कॉलोनी ‘फाइक एन्क्लेव’ पर टिक गई है।
दो दशक पहले पीलीभीत बाइपास पर विकसित की गई यह कॉलोनी अब बड़े घोटाले के रूप में सामने आ रही है। सीलिंग, तालाब, चकमार्ग और अन्य सरकारी ज़मीन पर कब्जे का मामला फिर से गर्मा गया है।
जमीन सरकारी होने की प्रारंभिक पुष्टि बुलडोज़र किसी भी वक्त गरज सकता है
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने खुलासा किया है कि फाइक एन्क्लेव की बड़ी हिस्सेदारी सरकारी ज़मीन पर बनी होने की जानकारी मिली है। इसकी पुष्टि के लिए एसडीएम सदर की अगुवाई में विशेष टीम गठित की जा रही है, जो मौके पर जाकर मापन और अभिलेखों का मिलान करेगी।
बताया जा रहा है कि फाइक एन्क्लेव, आरिफ की सबसे महत्वपूर्ण और करोड़ों की कीमत वाली संपत्तियों में से एक है। मगर इस कॉलोनी का सच अब परत–दर–परत खुलता जा रहा है।
पहले भी हुई थी जांच—एफआईआर के बाद भी कार्रवाई अटकी रही
कॉलोनी में सरकारी जमीनों पर निर्माण के आरोप नए नहीं हैं। पूर्व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी जांच कराई थी, जिसमें सीलिंग की जमीन कब्जाने की पुष्टि होने पर लेखपाल द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद भी कॉलोनी में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस पर भी इस मामले में ढिलाई बरतने के आरोप लगते रहे हैं।
बीडीए भी चौकन्ना—बिना नक्शे के बने अधिकांश मकान
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अनुसार, कॉलोनी में ज्यादातर मकान बिना नक्शा पास कराए बनाए गए हैं। कब्जेदारों ने नोटिसों का जवाब तक नहीं दिया।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने कहा कि कार्रवाई नियमों के मुताबिक होगी और जहां भी अवैध निर्माण मिलेगा, उसे नहीं छोड़ा जाएगा।
फहम लॉन, स्काई लार्क होटल और फ्लोरा गार्डन भी शिकंजे में
आरिफ की केवल कॉलोनी ही नहीं, बल्कि उसके तीन बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी अब जांच के दायरे में हैं।
फहम लॉन
स्काई लार्क होटल
फ्लोरा गार्डन
इन तीनों के नक्शे भले ही बीडीए से स्वीकृत कराए गए थे, लेकिन निर्माण नक्शे के विपरीत, मनमर्जी से किया गया। पार्किंग व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं है।
बीडीए संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने पुष्टि की है कि तीनों भवन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं और आरिफ को नोटिस जारी हो चुके हैं।
रसूख ने बचाया, लेकिन अब नहीं बचेगा?
जानकारी के अनुसार, 2016–17 के दौरान आरिफ का सरकारी दफ्तरों में खासा रसूख था, जिसके चलते उसके निर्माण वर्षों तक बेखौफ चलते रहे।
लेकिन अब बदलती परिस्थितियों में उसके खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज़ होती दिख रही है।
अवैध शोरूम और मार्केट जमींदोज़ होने के बाद फाइक एन्क्लेव पर भी बुलडोज़र किसी भी वक्त गरज सकता है।
बरेली में अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू हुआ अभियान अब आरिफ के साम्राज्य तक जा पहुंचा है। फाइक एन्क्लेव की जांच यदि अवैध कब्जे की पुष्टि करती है, तो बरेली में एक और बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
प्रशासन की सख्ती ने शहर में हलचल बढ़ा दी है और कॉलोनी के निवासियों में भी बेचैनी देखी जा रही है।
