बरेली में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की बड़ी खेप पकड़ी गई, 15 लाख की मछली बरामद — तस्कर ट्रक छोड़कर फरार
मीरगंज में मत्स्य विभाग की छापेमारी, 20–25 कुंतल प्रतिबंधित मछली बरामद; सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा, रिपोर्ट के बाद दर्ज होगा मुकदमा
बरेली। जिले में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। मत्स्य विभाग की टीम ने मीरगंज क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 20 से 25 कुंतल प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली बरामद की है। बरामद मछली की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान तस्कर ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
मत्स्य विभाग की उपनिदेशक गायत्री पांडेय ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल से हरियाणा ले जाई जा रही प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली बरेली के रास्ते होकर गुजरने वाली है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और मीरगंज राजस्व विभाग तथा स्थानीय पुलिस के सहयोग से ट्रक की तलाश शुरू कर दी।
टीम ने हाईवे पर संदिग्ध ट्रक का पीछा किया। कार्रवाई के दौरान तस्कर ट्रक को बैगुल नदी पुल के पास खड़ा कर मौके से फरार हो गए। जब अधिकारियों ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में थाई मांगुर मछली के लगभग 10 दिन के बच्चे भरे हुए मिले।
मामले की जानकारी मिलते ही मीरगंज एसडीएम आलोक कुमार सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार अरविंद कुमार और लेखपाल आदित्य गंगवार भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों की मौजूदगी में बरामद मछलियों का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह ने बताया कि बरामद ट्रक को थाने में खड़ा करा दिया गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और तस्करों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
मत्स्य विभाग की उपनिदेशक गायत्री पांडेय ने बताया कि थाई मांगुर मछली स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण भारत सरकार ने इसके पालन, बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है।
उन्होंने कहा कि यदि जिले में कहीं भी प्रतिबंधित मछली के पालन या तस्करी की जानकारी मिलती है तो विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
