बरेली में व्यवसायी से 94 लाख की साइबर ठगी: फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए शातिरों ने ऐसे फंसाया
फिरोज खान/यूपी
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। इंटरनेट पर दिख रहा विज्ञापन एक व्यवसायी को बेहद भारी पड़ गया। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने बरेली के रामपुर गार्डन निवासी एक व्यवसायी से 94 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बरेली में साइबर अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिसे लेकर पुलिस भी चौकन्नी हो गई है।
ऐसे फंसा ट्रेडिंग का जाल
पीड़ित पंकज ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर Axis Self नाम का एक ट्रेडिंग एप देखकर इसे डाउनलोड किया था। इसके बाद उनसे तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप पर संपर्क किया गया। ठगों ने ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा होने का लालच दिया। पहले उन्होंने थोड़ी रकम निवेश की, जिसके बाद एप पर उनके खाते में मुनाफे की बड़ी राशि दिखने लगी।
जब उन्होंने यह रकम निकालने की कोशिश की, तो प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। संपर्क करने पर ठगों ने सिक्योरिटी के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगना शुरू कर दिया। इसी बीच उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। शातिरों ने नौ बार में अलग-अलग खातों में कुल 94 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच जारी है।
डॉक्टर का नंबर खोजते ही हैक हुआ फोन, खाते से उड़ाए हजारों रुपये
इज्जतनगर क्षेत्र में एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है। द्वारिकापुरम निवासी रीना श्रीवास्तव अपने बेटे का इलाज कराने के लिए इंटरनेट पर डॉक्टर का नंबर खोज रही थीं। ऑनलाइन मिले नंबर पर कॉल किया तो सामने बैठे ठग ने उन्हें एक लिंक भेजा और वहीं से नंबर बुक करने को कहा।
रीना ने जैसे ही लिंक खोला, उनका फोन हैक हो गया। साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से एक बार में 20,600 रुपये और दूसरी बार में 4,999 रुपये उड़ा लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इनमें से 20,600 रुपये को तुरंत फ्रीज करा दिया है।
नवाबगंज के युवक से भी ठगी
नवाबगंज निवासी यूनुस ने भी साइबर क्राइम थाना पहुंचकर शिकायत दी। उन्होंने बताया कि बिना किसी कॉल, मैसेज या ओटीपी के ही उनके खाते से करीब 59,000 रुपये निकाले जा चुके हैं। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है।
कैसे बचें साइबर ठगी से?
अनजान या फालतू एप बिल्कुल डाउनलोड न करें।
किसी को अपना आधार, पैन या बैंक डिटेल न भेजें।
अनजान लिंक पर क्लिक करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
किसी भी ऑफर, इनाम या बड़े मुनाफे के झांसे में न आएं।
किसी के साथ ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।
रात में सोते समय मोबाइल डेटा बंद रखें।
सोशल मीडिया पर प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें।
ठगी होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें।
तुरंत शिकायत cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करें।


