बरेली: ‘लव जिहाद’ के आरोप में हंगामा पड़ा भारी, बजरंग दल के 5 कार्यकर्ता गिरफ्तार, 25 पर मुकदमा दर्ज
रिपोर्ट/ राजेश सिंह
बरेली। राजेंद्र नगर स्थित दि डेन कैफे एंड रेस्टो में कथित लव जिहाद के आरोप को लेकर शनिवार रात हुए हंगामे के मामले में प्रेमनगर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने बजरंग दल के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। एक आरोपी नाबालिग बताया गया है, जिसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि जांच में कुल छह आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें प्रिंस, आकाश, आशीष, मिरदुन और दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जन्मदिन की पार्टी से शुरू हुआ विवाद
प्रेमनगर क्षेत्र के एक हॉस्टल में रहने वाली युवती निजी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। शनिवार को उसके जन्मदिन पर दोस्तों ने दि डेन कैफे में पार्टी आयोजित की थी। पार्टी में कुल 10 लोग शामिल थे, जिनमें छह युवतियां और चार युवक थे। चार युवकों में से दो युवक शान और वाकिफ मुस्लिम समुदाय से बताए गए।
मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर भड़के कार्यकर्ता
आरोप है कि हिंदू युवती के साथ मुस्लिम युवकों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और बिना तथ्यात्मक जांच के लव जिहाद का आरोप लगाते हुए कैफे के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यकर्ता कैफे के अंदर घुस गए और मौजूद युवतियों व युवकों से अभद्रता की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची प्रेमनगर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
जांच में बदली कार्रवाई
शुरुआत में पुलिस ने युवक शान, फरार वाकिफ और कैफे के एक स्टाफ सदस्य के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की थी, लेकिन सीओ प्रथम द्वारा की गई विस्तृत जांच में स्पष्ट हुआ कि युवती बालिग है और अपनी मर्जी से दोस्तों के साथ पार्टी में शामिल हुई थी। परिजनों के बयानों में भी किसी दबाव या जबरदस्ती की पुष्टि नहीं हुई।
25 कार्यकर्ताओं पर केस, सख्ती के निर्देश
जांच में सामने आया कि हंगामा कर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने में बजरंग दल कार्यकर्ताओं की प्रमुख भूमिका रही। इसके बाद प्रेमनगर थाने में बजरंग दल के दो नेताओं समेत 25 कार्यकर्ताओं के खिलाफ बलवा, मारपीट, अवैध प्रदर्शन और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
