
बीएलओ ड्यूटी के दौरान शिक्षक की मौत के बाद हरकत में आया प्रशासन,
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
डीएम ने परिवार को दिया भरोसा—जुड़वां बच्चों के नाम पर बनेगा एफडी
बरेली। बीएलओ ड्यूटी के दौरान सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार गंगवार की अचानक हुई मौत के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह स्वयं पीड़ित परिवार से मिले और गहरी संवेदना व्यक्त की। सर्वेश के पांच वर्षीय जुड़वां बच्चे अहाना और अयांश को देखकर डीएम भी भावुक हो उठे।
उन्होंने परिवार का हाथ थामते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहेगा और किसी भी स्थिति में परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
“पूरे जिले की क्षति है यह दुख” — डीएम अविनाश सिंह
परिवार से बातचीत के दौरान डीएम ने कहा कि सर्वेश कुमार एक ईमानदार और मेहनती कर्मचारी थे। बीएलओ के रूप में वे 46% से अधिक काम पूरा कर चुके थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों द्वारा किसी तरह के दबाव का प्रश्न नहीं उठता है। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन प्रशासन परिवार की हर जरूरत का ध्यान रखेगा।
अहाना और अयांश के नाम पर बनेगा फिक्स डिपॉजिट
पीड़ित परिवार को आर्थिक सुरक्षा देते हुए डीएम ने घोषणा की कि जिले के सभी अधिकारी एक दिन का वेतन जमा करेंगे और पूरा धन जुड़वां बच्चों अहाना और अयांश के नाम पर फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा जाएगा। साथ ही, सर्वेश के छोटे भाई को संविदा पर नौकरी देने की कार्यवाही तुरंत शुरू की जाएगी। इस घोषणा के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
बीईओ और एसडीएम ने भी जताया दुख
डीएम के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनीता और एसडीएम सदर प्रमोद कुमार भी परिवार से मिले। अधिकारियों ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा प्रशासन परिवार के साथ है और बच्चों की शिक्षा, भविष्य व परिवार की जरूरतों तक हर संभव सहायता दी जाएगी।
ड्यूटी के दौरान गिर पड़े थे सर्वेश कुमार
बुधवार सुबह बीएलओ कार्य के दौरान 47 वर्षीय सर्वेश कुमार गंगवार अचानक स्कूल में गिर पड़े थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था।
परिवार का आरोप—“इस बार काम का दबाव ज्यादा था”
सर्वेश के बड़े भाई योगेश गंगवार ने बताया कि इस बार एसआईआर अभियान के दौरान काम का दबाव अत्यधिक बढ़ा हुआ था। रात 11–12 बजे तक काम कराया जा रहा था और अधिकारियों द्वारा लगातार फटकार लगाई जा रही थी।
उनका कहना है कि अत्यधिक तनाव के कारण ही सर्वेश की तबीयत बिगड़ी और उनकी जान चली गई। परिवार पहले से ही सदमे में था, क्योंकि तीन महीने पहले ही सर्वेश की पत्नी प्रभा का कैंसर से निधन हुआ था।
दो मासूमों के सामने कठिन भविष्य
पांच साल के जुड़वां बच्चों अहाना और अयांश पर माता-पिता दोनों का साया उठ जाने से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन ने बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का वादा किया है।