भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल, कई दिग्गज बाहर – नए चेहरों को मिला मौका, सियासी हलचल तेज
रिपोर्ट /सत्य प्रकाश
बरेली। भारतीय जनता पार्टी के बरेली और आंवला संगठन में किए गए बड़े फेरबदल के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नई टीम के ऐलान के साथ ही जहां कई नेताओं को पदोन्नति मिली है, वहीं कई पुराने और प्रभावशाली चेहरों को संगठन से बाहर कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद पार्टी के भीतर नई खेमेबंदी और सियासी समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक संगठन में पदों का बंटवारा काफी हद तक जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है। यही वजह रही कि कई जनप्रतिनिधियों की सिफारिशें भी ज्यादा असर नहीं दिखा सकीं। नई कमेटियों के गठन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज हो गया है।
आंवला में बदली जिम्मेदारियां
आंवला भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह की नई टीम में कई बदलाव किए गए हैं। पिछली टीम में महामंत्री रहे शिव प्रताप सिंह को इस बार उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि रामनिवास मौर्य को दोबारा महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा कई नए चेहरों को संगठन में जिम्मेदारी देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
कई पुराने नेता हुए बाहर
नई कमेटी के गठन में कई पुराने नेताओं को जगह नहीं मिल पाई। पिछली टीम के महामंत्री संतोष शर्मा समेत कई अन्य नेताओं को इस बार संगठन से बाहर कर दिया गया है। इससे पार्टी के भीतर असंतोष की हल्की सुगबुगाहट भी देखने को मिल रही है।
बरेली जिला टीम में भी बदलाव
बरेली भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा की टीम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कई वरिष्ठ नेताओं को नई टीम में शामिल नहीं किया गया, जबकि कुछ पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन में यह फेरबदल आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि नए चेहरों को मौका देकर संगठन को और सक्रिय बनाया जा सके। वहीं, बाहर हुए नेताओं के समर्थकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है, जिससे आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल और बढ़ सकती है।
