भास्कर टुडे की खबर का असर: प्रशासन हरकत में आया, एमबी इंटर कॉलेज के सामने से उखाड़े गया अवैध पटाखा बाजार
फिरोज खानभास्कर टुडे
रिपोर्ट-राजेश सिंह
शहर की सुरक्षा को दांव पर लगाने वालों पर गिरी प्रशासन की सख्ती, फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 47 अवैध दुकानों को हटाया गया
बरेली-भास्कर टुडे की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट “एमबी इंटर कॉलेज के सामने पटाखा बाजार को लेकर बड़ा विवाद, प्रशासन खुद बो रहा आग का खतरा” का बड़ा असर हुआ है।
खबर छपने के 24 घंटे के भीतर ही प्रशासन एक्शन में आया और फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के तीन प्रमुख स्थानों पर अवैध पटाखा बाजारों को हटवाने की कार्रवाई की।
मंगलवार को एमबी इंटर कॉलेज, हार्टमैन स्कूल और सीबीगंज क्षेत्र में कुल 47 दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान कुछ जगहों पर दुकानदारों और प्रशासनिक टीम के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई बनी मिसाल
जिला प्रशासन, सीएफओ मनु शर्मा, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर यह दिखा दिया कि शहर की सुरक्षा सर्वोपरि है।
सीएफओ मनु शर्मा ने बताया “एमबी इंटर कॉलेज में 15, हार्टमैन स्कूल में 20 और सीबीगंज में करीब 12 दुकानों के स्ट्रक्चर तैयार हो चुके थे। अभी उनमें पटाखे नहीं रखे गए थे। सभी दुकानों को बिना अनुमति के लगाए जाने पर हटवा दिया गया है। सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।”
नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने पहले ही निर्देश जारी कर दिए थे कि पटाखा बाजार केवल उन्हीं स्थानों पर लगाए जाएं, जहां अग्निशमन विभाग से मान्यता प्राप्त हो और सुरक्षा मानक पूरे किए गए हों।
स्कूल, नर्सिंग होम और कॉलोनियों के बीच था बड़ा खतरा
एमबी इंटर कॉलेज के सामने का इलाका बरेली का सबसे भीड़भाड़ वाला इलाका माना जाता है।
यहां तीन नर्सिंग होम, दो बड़े पेंट और केमिकल गोदाम, कई स्कूल व कोचिंग संस्थान हैं।
त्योहार के दिनों में यहां ट्रैफिक पहले से ही चरम पर रहता है। ऐसे में पटाखा बाजार लगना सीधा-सीधा जान जोखिम में डालने के समान था।
भास्कर टुडे ने अपनी रिपोर्ट में इसी खतरे को उजागर किया था।
प्रशासन ने उस पर गंभीरता दिखाई और त्वरित एक्शन लेकर संभावित हादसे को टाल दिया।
फायर ब्रिगेड के नियमों का सख्ती से पालन
अग्निशमन विभाग ने साफ कहा कि“कोई भी पटाखा बाजार ऐसे स्थान पर नहीं लगाया जा सकता, जहां से 100 मीटर की दूरी तक रिहायशी इलाका, अस्पताल या ज्वलनशील पदार्थों का गोदाम मौजूद हो।”
एमबी इंटर कॉलेज का इलाका इस नियम के बिल्कुल विपरीत था।
यहां गैस सिलेंडर, पेंट ड्रम और ऑक्सीजन सिलेंडर तक रोजाना ट्रकों से उतरते हैं।
अगर एक चिंगारी उठती, तो पूरा मोहल्ला आग का दरिया बन सकता था।
प्रशासन ने इस स्थिति को भांपते हुए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया और एक बड़ा खतरा टाल दिया।
प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में चली कार्रवाई
सुबह से ही फायर विभाग, नगर निगम और पुलिस की टीमें एमबी इंटर कॉलेज और हार्टमैन स्कूल क्षेत्र में पहुंचीं।
टीम ने पहले दुकानदारों को नियमों की जानकारी दी, फिर सभी अवैध दुकानों के स्ट्रक्चर को तोड़कर हटवा दिया।
कहीं-कहीं विरोध की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस की समझदारी और संयमित रवैये से हालात नियंत्रण में रहे।
सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि बिना लाइसेंस और अनुमति किसी भी प्रकार की बिक्री पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने जताई राहत और धन्यवाद भास्कर टुडे को कहा धन्यवाद
एमबी इंटर कॉलेज के आसपास के स्कूल प्रिंसिपल, डॉक्टर और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की खुलकर सराहना की।
एक नर्सिंग होम संचालक ने कहा “हमारे अस्पताल में रोजाना गंभीर मरीज आते हैं। अगर बाहर पटाखों का बाजार लग जाता तो एम्बुलेंस तक फंस जाती। प्रशासन ने समय पर कार्रवाई कर मरीजों की जान बचाई है।”
वहीं एक स्कूल संचालक ने कहा“सैकड़ों बच्चे रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं। पटाखा बाजार लगने से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता था। भास्कर टुडे और प्रशासन दोनों का शुक्रिया कि उन्होंने यह खतरा समय रहते रोक दिया।”
“भास्कर टुडे की खबर का असर” जिम्मेदार प्रशासन की बड़ी जीत
भास्कर टुडे ने सबसे पहले शहर की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को उठाया था।
समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया,
अग्निशमन विभाग, नगर निगम और पुलिस ने मिलकर वह किया जो अक्सर फाइलों में दब जाता है — सही समय पर एक्शन।
प्रशासन की यह तत्परता साबित करती है कि अगर मीडिया अपनी जिम्मेदारी निभाए और प्रशासन सजग रहे, तो शहर की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता।
भास्कर टुडे का संदेश शहर की सुरक्षा और नागरिकों की जान किसी भी कारोबार या लाभ से कहीं ज्यादा अहम है।
एमबी इंटर कॉलेज के सामने पटाखा बाजार को हटाने का फैसला न केवल एक प्रशासनिक कदम है, बल्कि एक उदाहरण है कि जब मीडिया और प्रशासन साथ काम करें, तो हादसों को होने से पहले रोका जा सकता है।
भास्कर टुडे की खबर का असर!
प्रशासन जागा, 47 अवैध पटाखा दुकानें हटाईं अब सुरक्षित दीपावली की ओर बरेली!
