मदनी के बयान पर बरेलवी मौलवी का हमला: “मुसलमानों को भड़काने और समाज में दरार डालने की कोशिश”
फिरोज़ खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
बरेली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के भोपाल में दिए गए हालिया बयान को लेकर मुस्लिम समाज में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शनिवार को मदनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयान न केवल भड़काऊ हैं, बल्कि समाज को बाटने वाले भी हैं।
रजवी ने कहा कि मदनी के बयान का उद्देश्य देश के मुसलमानों को गुमराह करना और उनके मन में संस्थाओं को लेकर गलतफहमियां पैदा करना है। उन्होंने साफ कहा कि भारतीय मुसलमानों को सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश की सभी अदालतों पर पूरा भरोसा है और वे हर फैसले का सम्मान करते हैं।
उन्होंने कहा, “कोई भी सरकार जनता के हितों के खिलाफ काम नहीं करती। पार्लियामेंट पूरी तरह जनता की भलाई के लिए काम करती है। भारत की हर संस्था पर मुसलमानों का विश्वास कायम है, इसलिए ऐसे भड़काऊ बयान केवल नकारात्मक माहौल बनाने का काम करते हैं।”
रजवी ने आगे अपील की कि मुस्लिम समाज ऐसे बयानों से दूर रहे जो उन्हें भ्रमित करें और देश की सद्भावना को नुकसान पहुंचाएं। उन्होंने कहा, “देश में शांति है, ऐसे में समुदाय को भड़काने की कोशिशें स्वीकार्य नहीं हैं। लोग ऐसे बांटने वाले बयानों पर ध्यान न दें।”
भोपाल में महमूद मदनी ने क्या कहा?
भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एक बैठक के दौरान महमूद मदनी ने “जिहाद” शब्द के गलत इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस्लामी शब्दों को जानबूझकर तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर बाबरी मस्जिद, तीन तलाक और अन्य फैसलों के बाद—यह महसूस हुआ कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं।
मदनी के इस बयान के बाद बरेलवी नेतृत्व समेत कई मुस्लिम संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई और उन्हें सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया।


