मिट्टी में मिला चाय बेचने वाले आरिफ का रसूख: शोरूम और 16 दुकानें ध्वस्त,परवेज अख्तर कि शिकायत पर BDA का बड़ा एक्शन
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह
तौकीर रजा के करीबी पर बरेली में बुलडोजर की बड़ी कार्रवाई, सुबह से शाम तक चला ऑपरेशन
बरेली में 26 सितंबर के बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी मोहम्मद आरिफ पर शनिवार को प्रशासन ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की। बीडीए ने आरिफ की दो बड़े ठिकानों—पीलीभीत रोड पर बने तीन मंजिला शोरूम और जगतपुर क्षेत्र की अवैध मार्केट—को एक-एक कर बुलडोजर से पूरी तरह जमीन में मिला दिया।
शनिवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ अभियान देर शाम तक जारी रहा। कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों स्थानों पर भारी पुलिस बल, पीएसी और मजिस्ट्रेट तैनात रहे। एडीएम सिटी सौरभ दुबे के नेतृत्व में तीन बुलडोजरों ने जगतपुर रोड की 16 दुकानों को चंद घंटों में ध्वस्त कर दिया, जबकि शोरूम को गिराने का काम दोपहर 12 बजे से रात तक चलता रहा।
अवैध शोरूम और 16 दुकानें ढहीं, दो दिन पहले तक चल रहा था करोड़ों का कारोबार
जगतपुर रोड स्थित दो मंजिला अवैध मार्केट में बनी 16 दुकानें नाला-सड़क की जमीन पर खड़ी थीं। बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार के मुताबिक दुकानों को 2024 में और शोरूम को 2022 में ही ध्वस्तीकरण नोटिस जारी हो चुके थे। पिछले महीने सीलिंग के बाद आरिफ को सुनवाई का मौका भी दिया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की गई।
चारों ओर पुलिस घेरा, छतों पर चढ़कर देखते रहे लोग
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में पुलिस ने रुट लगाकर भीड़ हटाई और आवाजाही रोक दी। महिलाएं, पुरुष और बच्चे अपने घरों की छतों पर चढ़कर प्रशासन की कार्रवाई देखते रहे। आश्चर्य की बात जगतपुर क्षेत्र के लोगों में न विरोध दिखा, न ही किसी तरह की गहमागहमी। लोग चुपचाप बुलडोजर को अवैध निर्माण ढहाते देखते रहे।
“समय बदलता है…”: ढाई साल पहले बनी मार्केट आज मलबा
आकाशपुरम गेट नंबर-1 के पास आरिफ की यह मार्केट करीब ढाई साल पहले ही बनाई गई थी। स्थानीय बुजुर्ग कुतुबुद्दीन और मोहम्मद इलियास ने बताया कि निर्माण के समय आरिफ का रुतबा देखते ही बनता था, लेकिन आज उसी मार्केट की एक-एक ईंट मिट्टी में मिल चुकी है। लोगों का कहना है“समय बदलता है… जो ढाई साल पहले शान थी, आज मलबा बन गई।”
बीडीए का स्पष्ट बयान: बिना नक्शा पास कराए खड़ी की गईं इमारतें
संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया:
16 दुकानों का निर्माण नाला-सड़क की जमीन पर अवैध रूप से किया गया था।
पीलीभीत मार्ग का शोरूम बिना नक्शा पास किए बनाया गया था।
सभी निर्माणों के खिलाफ नोटिस जारी हुए, लेकिन जवाब न मिलने पर कार्रवाई करनी पड़ी।
अंत में बचा सिर्फ मलबा, रसूख हुआ ध्वस्त शहर में ताकत और रसूख की पहचान माने जाने वाले आरिफ की दोनों इमारतें शनिवार शाम तक पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थीं। जहां कल तक बड़े-बड़े बोर्ड और चमकती दुकानें थीं, आज वहां सिर्फ मलबे के ऊंचे ढेर नजर आए—और प्रशासन का सख्त संदेश भी:अवैध निर्माण और रसूख—दोनों अब बरेली में नहीं चलेंगे।


