मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: बरेली पुलिस की तारीफ, वाराणसी-प्रयागराज पर नाराज़गी
रिपोर्ट-कार्यालय संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने प्रदेशभर की ताज़ा सुरक्षा स्थिति, हाल के संवेदनशील घटनाक्रमों और पुलिस की कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी डीएम, एसपी, आईजी, एडीजी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में बरेली और कानपुर में पुलिस द्वारा की गई सख्त और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि “बरेली पुलिस ने जुमे की नमाज़ के बाद हुए फसाद पर जिस दृढ़ता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की है, वह पूरे प्रदेश के लिए मिसाल है।” मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मौलाना तौकीर रजा पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने बरेली पुलिस के अधिकारियों को प्रशंसा पत्र देने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कानपुर में हाल ही में हुए विस्फोट की घटना के बाद पुलिस ने अफवाहों को फैलने से रोका, जिससे किसी तरह की सांप्रदायिक स्थिति नहीं बनने पाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी त्वरित और संयमित कार्रवाई ही यूपी पुलिस की असली पहचान है।
इसके विपरीत, बैठक में वाराणसी और प्रयागराज पुलिस प्रशासन पर मुख्यमंत्री की नाराज़गी साफ झलकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “वाराणसी पुलिस कमिश्नर मुख्यमंत्री कार्यालय से बताए बिना कोई बड़ी कार्रवाई नहीं करते। यह अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने वाराणसी पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि निर्णयों में तत्परता और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं।
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार को भी मुख्यमंत्री ने चेताया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं पर लापरवाही या देरी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें, जमीनी हकीकत को समझें और फीडबैक के आधार पर निर्णय लें।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कहा कि “बलवाइयों और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई बरेली की तरह हर जिले में होनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि दंगाइयों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए चाहे वे किसी भी पद, समुदाय या प्रभाव वाले व्यक्ति हों।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि “कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि जनता को सुरक्षा का भरोसा महसूस हो और अपराधी भयभीत रहें।”
योगी आदित्यनाथ की यह बैठक प्रदेश में बढ़ते संवेदनशील हालात और हालिया घटनाओं के मद्देनजर बेहद अहम मानी जा रही है। बरेली और कानपुर पुलिस को मिली सराहना से जहां मनोबल बढ़ा है, वहीं वाराणसी और प्रयागराज के अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने के सख्त संदेश भी मिल गए हैं।
