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मेथोडिस्ट चर्च की संपत्तियों पर ‘कब्जे’ का खेल? बरेली में जमीनों की बिक्री से मचा बवाल

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मेथोडिस्ट चर्च की संपत्तियों पर ‘कब्जे’ का खेल? बरेली में जमीनों की बिक्री से मचा बवाल

 

खेल मैदान, मिशन अस्पताल और संस्थागत परिसंपत्तियों के हस्तांतरण पर उठे गंभीर सवाल — 1941 के बाद नवीनीकरण पर भी घिरा प्रबंधन

संपादक /धीरेंद्र सिंह( धीरू) 

बरेली। मेथोडिस्ट चर्च से जुड़ी बहुमूल्य संपत्तियों को लेकर बरेली में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी जमीनों का कथित तौर पर व्यावसायिक उपयोग और बिक्री की जा रही है। मामला अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसकी कानूनी वैधता पर भी तीखे सवाल उठने लगे हैं।

सबसे गंभीर आरोप मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के खेल मैदान को लेकर है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह जमीन कथित रूप से भू-माफियाओं को बेच दी गई। वहीं शहर में एक व्यावसायिक मॉल के निर्माण, मिशन अस्पताल की संपत्ति के हस्तांतरण और अन्य परिसंपत्तियों के उपयोग में भी अनियमितताओं की बात कही जा रही है।

1941 के बाद नवीनीकरण पर प्रश्न

विवाद का बड़ा आधार यह बताया जा रहा है कि मूल संस्था “एग्जीक्यूटिव बोर्ड ऑफ द मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च इन सदर्न इंडिया” का अंतिम नवीनीकरण 4 नवंबर 1941 के बाद स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वर्तमान प्रबंधन किस कानूनी आधार पर करोड़ों की संपत्तियों का सौदा या हस्तांतरण कर रहा है?

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

अशोका फोम और एमसीआई प्लाजा जैसी संपत्तियों को लेकर भी पूर्व में विवाद सामने आ चुके हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कोई एकल मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से संस्थागत जमीनों के उपयोग में बदलाव का प्रयास है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी ऐतिहासिक संस्थाओं की जमीनें व्यावसायिक हितों में तब्दील हो सकती हैं।

फिलहाल न तो संबंधित संस्था की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है और न ही प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। लेकिन जिस तरह आरोपों का दायरा बढ़ रहा है, उससे यह मामला अब बड़े प्रशासनिक और कानूनी हस्तक्षेप की ओर बढ़ता दिख रहा है।

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