यूपी दिवस पर बरेली ने निभाई युद्धकालीन रिहर्सल, 10 मिनट तक पूरा जिला ब्लैकआउट /
रिपोर्ट /सत्य प्रकाश
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बरेली। शुक्रवार शाम ठीक 6 बजे बरेली जिले की रफ्तार अचानक थम गई। सायरन बजते ही शहर की लाइटें एक-एक कर बंद हो गईं और पूरा जिला 10 मिनट के लिए अंधेरे में डूब गया। यूपी दिवस-2026 और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित ब्लैकआउट मॉकड्रिल के तहत यह अभ्यास कराया गया।
ब्लैकआउट शुरू होते ही कलेक्ट्रेट परिसर, सरकारी कार्यालय, बाजार, रिहायशी इलाके और प्रमुख चौराहे पूरी तरह अंधेरे में चले गए। प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी स्थान से रोशनी बाहर न दिखे। खिड़कियों और दरवाजों को पहले से ही पर्दों और काले कागज से ढक दिया गया था।
मॉकड्रिल के दौरान चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों को घरों में ही रहने के निर्देश दिए गए थे। मोबाइल फ्लैश, टॉर्च, माचिस और धूम्रपान पर पूरी तरह रोक रही। प्रमुख चौराहों पर यातायात रोक दिया गया और पुलिस बल मुस्तैद रहा। सायरन की आवाज ने पूरे माहौल को युद्ध जैसी आपात स्थिति में बदल दिया।
सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक विभिन्न इलाकों में तैनात रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें अलर्ट मोड में रहीं। पूरे अभ्यास के दौरान कहीं से भी अव्यवस्था या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
प्रशासन ने मॉकड्रिल को सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से आपात परिस्थितियों में नागरिकों और विभागों की तैयारियों को परखने में मदद मिलती है।
