योगी सरकार की सख़्त कार्रवाई से खनन माफिया पर लगाम
फिरोज़ खान / यूपी हेड
रिपोर्ट / राजेश सिंह
लेकिन बरेली के कुछ इलाकों में अब भी जारी अवैध खेल
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अवैध खनन और खनन माफिया के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पिछले कुछ वर्षों में लगातार कड़े कदम उठाए हैं। सरकार के दावों के अनुसार प्रदेशभर में अवैध खनन को जड़ से खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए गए, कार्रवाई की गई और निगरानी तंत्र को तकनीक आधारित बनाकर खनन माफियाओं की कमर तोड़ी गई। लेकिन वहीं दूसरी ओर बरेली के कुछ थाना क्षेत्रों में अब भी खनन माफिया अपनी जड़े जमाए बैठे हैं और रात के अंधेरे में अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
योगी सरकार ने प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए 19,000 से अधिक मुकदमे दर्ज कराकर साफ कर दिया कि इस बार कार्रवाई केवल दिखावे की नहीं, बल्कि पूरी तरह असरदार है। हजारों खनन माफियाओं की पहचान कर उनकी संपत्तियों पर शिकंजा कसा गया। कई कुख्यातों पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट लगाया गया, जबकि भारी संख्या में मशीनें, ट्रक, जेसीबी और अन्य खनन उपकरण जब्त किए गए। पुलिस, खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं।
सरकार की सबसे बड़ी पहल डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम रही, जिसके जरिए खनन पट्टों, वाहनों और रॉयल्टी की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। इससे पारदर्शिता तो बढ़ी ही है, साथ ही अवैध खनन पर रोकथाम में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रदेश के बॉर्डर और प्रमुख रूटों पर संयुक्त चेक पोस्ट बनाकर ओवरलोड और बिना रॉयल्टी वाले वाहनों की आवाजाही पर कड़ाई से नियंत्रण किया जा रहा है।
लेकिन बरेली की जमीनी तस्वीर अलग चिंताएं दिखाती है। जिले के कई थाना क्षेत्रों—खासकर ग्रामीण इलाकों और नदी किनारे के क्षेत्रों—में अवैध खनन अब भी जारी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कुछ स्थानों पर मिलीभगत और लापरवाही के कारण रात में अवैध मिट्टी व बालू खनन धड़ल्ले से चलता है। कई बार शिकायतों पर टीम पहुंचती है तो तब तक खनन माफिया ट्रकों का पूरा काफिला मौके से निकल चुका होता है।
अवैध खनन से ग्रामीण इलाकों में पर्यावरणीय नुकसान, खेतों में मिट्टी कटान, सड़कें खराब होने और रातभर दौड़ते भारी वाहनों से धूल व शोर की समस्या बढ़ गई है। कई किसानों ने नदी कटान और अवैध खनन को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन स्थिति कुछ क्षेत्रों में अब भी जस की तस बनी हुई है।
बरेली डीएम अविनाश सिंह का कड़ा बयान
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अवैध खनन के मुद्दे पर साफ-साफ चेतावनी दी है कि “जो भी दोषी पाया गया, चाहे उसकी स्थिति जो भी हो अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा है कि प्रशासन निर्दोषों पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा, लेकिन “कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।”
इसके अलावा, यह भी रिपोर्ट की गई है कि डीएम ने 24 शिकायतों को मौके पर ही निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं, जब अवैध खनन की शिकायतें उनके संपूर्ण समाधान दिवस में सामने आई थीं।
उन्होंने खनन पट्टों और बालू घाटों की पहचान कर निगरानी बढ़ाने, थानों और खनन विभाग में तालमेल बढ़ाने की भी ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। (जिलाधिकारी कार्यालय, बरेली)
बरेली के जिन थाना क्षेत्रों में अवैध खनन जारी बताया जा रहा है
थाना मीरगंज
थाना कैंट
थाना बिशारतगंज
थाना फरीदपुर
थाना फतेहगंज
तथा आसपास के कई ग्रामीण थाना क्षेत्र
प्रदेश स्तर पर योगी सरकार की कार्रवाई ने अवैध खनन माफिया पर भारी असर डाला है, लेकिन बरेली में अभी भी प्रशासन को सतर्कता बढ़ाने की ज़रूरत है। डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को तत्काल सजा दी जाएगी और निगरानी तेज की जाएगी यही संदेश सरकार की निष्ठा को दर्शाता है।


